उत्तराखंड सरकार ने अपना 16वां स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शहीद स्थल कचहरी परिसर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों को नमन करने के बाद परिसर में उपस्थित वरिष्ठ राज्य
उत्तराखंड सरकार ने अपना 16वां स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शहीद स्थल कचहरी परिसर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों को नमन करने के बाद परिसर में उपस्थित वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारियों और महिला आन्दोलनकारियों से भी भेंट की। इस अवसर पर राज्य आन्दोलनकारियों को शाॅल भेंट कर सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सपनों के अनुरूप राज्य का विकास कर रही है।
हरीश रावत ने कहा कि राज्य निर्माण के आन्दोलन में हमारे गीतकारों के गीतों ने जोश, उत्साह और उमंग उत्पन्न करने का काम किया है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि स्व. गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’ की स्मृति में योजना शुरू की जायेगी। साथ ही गीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी व अतुल शर्मा के गीतों को स्कूली पाठ्यक्रम मेें शामिल किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों को 10 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किये जाने के लिए विधेयक पारित कर दिया गया है। इसके साथ ही चिन्हीकरण प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के अवसर पर हम सभी मिलकर एक संकल्प ले, कि उत्तराखण्ड को विकास के उच्च शिखर पर पहुंचाया जाये। ऐसा माहौल बनाया जाये, जहां पर प्रत्येक व्यक्ति केवल उत्तराखण्ड के विकास के लिए सोचे। उन्होंने कहा कि उन्नत उत्तराखण्ड हो, सबका कल्याण हो, हम सभी को ऐसी सोच विकसित करनी होगी।
ओ.एन.जी.सी. अम्बेडकर स्टेडियम, कौलागढ़ रोड़ में ‘‘नशे के खिलाफ जंग, खेल खेलेंगे हम’’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को शपथ दिलायी। इस अवसर पर वह पारंपरिक खेलों में शामिल भी हुए। उन्होंने पिट्टू फोड व बाघ बकरी खेल भी खेले। हरीश रावत ने अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मुकेश रावत व प्रीतम सिंह को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। साथ ही वरिष्ठ खेल प्रेमी प्रेम कश्यप को भी स्मृति चिन्ह दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के पारंपरिक खेल हमें हमारे गांव से जोड़ने का काम करते है। उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक खेलों को मसूरी कार्निवाल में भी शामिल किया जायेगा। साथ ही प्रत्येक जनपद में इन खेलों के आयोजन में राज्य सरकार भी सहयोग करेगी। इस प्रकार के खेल आयोजन करने से हमारे युवाओं में नया जोश और उमंग आयी है। आज के युवा अपने पारंपरिक खेलों के बारे में भी जान पाये है। राज्य सरकार का प्रयास है कि राष्ट्रीय खेलों में इन पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया जाय, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सके।
हरीश रावत ने कहा कि इस वर्ष हमने ग्रामीण खेल पर फोकस किया है। युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, तभी जीवन में आगे बढ़ने में सफलता मिलती है। युवाओं में बढती नशे की लत को दूर करने में इस प्रकार के आयोजन सफल साबित होंगे। युवाओं को नशे विरूद्ध एक अभियान चलाना होगा, ताकि हमारी युवा शक्ति भविष्य का निर्माण कर सके।
पुलिस लाइन में रैतिक परेड में पुलिसकर्मियों ने शक्ति का प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल केके पॉल ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए अभी और प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अगले चार साल में मजबूरी की वजह से होने वाले पलायन को पूरी तक रोकने की बात कही। मुख्यमंत्री ने परेड की सराहना करते हुए परेड में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को सात लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों, संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर डिजीटल उत्तराखण्ड का आगाज राजस्व परिषद से किया गया। भू अभिलेखों के प्रबंधन और रख रखाव को डिजिटाइज्ड किया जायेगा। सभी तरह की रजिस्ट्री भी अब आनलाइन होगी। राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकी कार्यक्रम (एनएलआरएपी) के तहत यह कार्य किया जायेगा। मुख्य सचिव अध्यक्ष राजस्व परिषद राकेश शर्मा ने राजस्व परिषद में एनएलआरएमपी के परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) का उद्घाटन किया। बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि पहले चरण में अल्मोड़ा और पौड़ी के भू-अभिलेखों का डिजिटाइशेन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जनपदों को भी जोड़ दिया जाय।
हिलमेल ब्यूरो







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