Friday , 4 September 2026
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इस साल कांवड यात्रा में 4 करोड़ कांवडियों के पहुंचने की उम्मीद, अधिकारियों के बीच सुरक्षा को लेकर हुई अहम बैठक

इस साल कांवड यात्रा 14 जुलाई से शुरू होगी और 27 जुलाई को समाप्त हो जायेगी। इस बात की जानकारी हरिद्वार के डीएम विनय शंर पांडेय ने दी। उन्होंने बताया कि इस साल कांवड़ियों की संख्या चार करोड़ ज्यादा हो सकती है। इसलिए यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ की सुरक्षा करना एक चुनौती है, इसलिए इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार की अध्यक्षता में सीमावर्ती जिले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें सुशील कुमार ने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि हरिद्वार की ओर प्रस्थान करने वाले कांवड़ियों की सूची सभी जिले जरूर तैयार करें तथा इस सूची को सभी सीमावर्ती जिलों के साथ साझा करें।

कांवड यात्रा शुरू होने से पहले उत्तराखंड पुलिस और उत्तर प्रदेश के पुलिस के अधिकारियों के बीच बैठक की गई। इस बैठक में यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या क्या उपाय किये जाये उस बारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में कहा गया कि दूसरे जनपदों से हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों की सूची बनाई जाएगी और सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को यह सूची साझा की जायेगी। इसके अलावा सात फीट से ऊंची कांवड़ पर रोक रहेगी।

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए एसएसपी हरिद्वार डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जो भी कांवडिये यात्रा करने के लिए आयेंगे वह अपने साथ अपना कोई पहचान पत्र अवश्य लायें, जिससे कि कहीं पर अगर सुरक्षा को लेकर तलाशी ली जाये तो वह अपना पहचान पत्र दिखाकर अपनी यात्रा को जारी रख सकते हैं। उन्होंने रोड़ के किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों से भी कहा गया है कि वह अपना कोई पहचान पत्र साथ में अवश्य रखें।

अभी कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में अब कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है, उन्होंने सभी शिवभक्तों से आग्रह किया है कि उत्तराखंड में आने वाले प्रत्येक शिवभक्त यहां एक-एक पौधा जरूर लगाएं। जिससे यहां का पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

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Hill Mail

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