उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के चेयरमैन एस राजू ने पेपर लीक मामले में धांधली को लेकर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है। वे 2016 से इस पद पर तैनात थे। पूर्व आईएएस एस राजू ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान आयोग ने अब तक 88 परीक्षा कराई हैं जिनमें से दो परीक्षाओं में गड़बड़ी सामने आई है। पहले फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती परीक्षा में धांधली सामने आई थी और तब आयोग ने इसके लिए जांच बैठाई थी। उसके बाद अब स्नातक स्तरीय परीक्षा में धांधली सामने आई तो आयोग ने मामले को छिपाने के बजाय इस मामले को सरकार के सामने लाये। हालांकि कुछ लोग आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं जो कि बड़े अफसोस की बात है।
उन्होंने कहा कि आयोग की पिछले महीने और पहले भी इस तरह के मामले सामने आए, जिसकी वह नैतिक जिम्मेदारी लेते है। इस समय उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि मेरा किसी नेता से रिश्ता नहीं है। मैं मानता हूं कैंडिडेट्स को परेशानी हुई है। गौरतलब है कि उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा दिसंबर 2021 में आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा (वीडीओ और एपीडीओ आदि) में हुई अनियमितता को लेकर मुख्यमंत्री धामी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद से ही लगातार इसमें धांधली की बात सामने आ रही थी। बीती 22 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी अशोक कुमार को जांच के आदेश दिए थे।
इस परीक्षा के लीक होने के बाद अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई लोगों की अभी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में सभी लोग एक दूसरे के संपर्क में थे और जल्द ही कुछ और खुलासे हो सकते हैं। एसटीएफ ने अभी तक 1 करोड़ 20 लाख कैश भी बरामद किया है। कुछ दिन पहले एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वह ज्यादा से ज्यादा लोकल लोगों को अपने साथ जोड़ते थे इनमें से कुछ लोग ऐसे थे जो गढ़वाल के देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी क्षेत्र में थे और कुछ कुमांऊ के काशीपुर और हल्द्ववानी क्षेत्र से थे। जैसे जैसे हमको तार मिलते जा रहे हैं वैसे वैसे हम गिरफ्तारियां कर रहे हैं।


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