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उत्तराखंड में भारी बारिश से 60 मार्ग हुए अवरूद्ध, 811 पेयजल योजनाएं हुई क्षतिग्रस्त

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई स्थानों पर रोड़ अवरूद्ध हो गई हैं। इसके अलावा पानी की 811 योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान एसडीआरएफ ने कई रेस्क्यू कार्य किये हैं। थाना घनसाली द्वारा अवगत कराया गया है कि जाख नामक स्थान पर भिलंगना नदी में एक महिला बह गई है। उक्त सूचना पर एसडीआरएफ टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर सर्चिंग की, इसके अलावा डुंडा, उत्तरकाशी मे पूर्व में डूबे व्यक्ति की एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्चिंग की जा रही है।

लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत आज कुल 60 मार्ग अवरूद्ध हुये तथा 43 मार्ग कल के अवरूद्ध थे अर्थात् कुल 103 अवरूद्ध मार्गो में से 31 मार्गो को आज खोल दिया गया है। शेष 72 मार्ग अवरूद्ध है, जिसमें से 14 राज्य मार्ग, 3 मुख्य जिला मार्ग, 7 अन्य जिला मार्ग एवं 47 ग्रामीण मार्ग अवरूद्ध है। इसके अतिरिक्त पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत आज 23 मार्ग अवरूद्ध हुये तथा 85 मार्ग कल अवरूद्ध थे अर्थात कुल 108 अवरूद्ध मार्गो में से आज 26 मार्गो को खोल दिया गया है, शेष 82 अवरूद्ध मार्गो को खोले जाने की कार्यवाही गतिमान है। वर्तमान में राज्य राजमार्गो पर 21 मशीने, मुख्य जिला मार्गो पर 11 मशीने, अन्य जिला मार्गो पर 6 मशीने तथा ग्रामीण मार्गो पर 60 मशीने, कुल 98 मषीने कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त पीएमजीएसवाई के मार्गो पर 73 मशीने लगायी गयी है।

जल संस्थान के अन्तर्गत आपदा से पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल योजना से सुचारू जलापूर्ति उपलब्ध कराये जाने हेतु शाखाओं के अन्तर्गत कार्यरत प्रशिक्षित फिटर एवं बेलदार तैनात किये गये है। आपदा की स्थिति में, पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था हेतु विभिन्न शाखाओं में 71 विभागीय टैंकर उपलब्ध हैं एवं 219 किराये के पेयजल टैंकर चिन्हित है। राज्य के अन्तर्गत वर्ष 2022 में दैवीय आपदा/अतिवृष्टि से वर्तमान तक कुल 811 पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिनमें से 809 पेयजल योजनाओं में अस्थायी व्यवस्था से पेयजल आपूर्ति चालू कर दी गयी है तथा शेष 2 पेयजल योजनाओं को चालू किये जाने हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। वर्तमान तक प्राप्त सूचनानुसार विगत 3 दिवस के भीतर दैवीय आपदा/अतिवृष्टि से 5 पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त हुई है, जिन्हें अस्थायी व्यवस्था से चालू कर दिया गया है।ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत राज्य के अधिकतर जनपदों में विद्युत आपूर्ति सुचारू है। जिला पिथौरागढ एवं चमोली़ के क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण कुछ ग्रामों में विद्युत व्यवस्था बाधित चल रही है। जिसमें विभाग द्वारा विद्युत सुचारू करने हेतु कार्य गतिमान है। वर्तमान तक राज्य में कुल 87 ग्रामों में विद्युत बाधित थी। जिसमें से 37 ग्रामों की विद्युत आपूर्ति पूर्णरूप से सुचारू कर दी गई हैं। शेष 50 ग्रामों में विद्युत आपूर्ति हेतु कार्य किया जा रहा है।

विगत 24 घंटे में एसडीआरएफ द्वारा किये गए रेस्क्यू कार्य का विवरण।
1. थाना घनसाली द्वारा अवगत कराया गया है कि जाख नामक स्थान पर भिलंगना नदी में एक महिला बह गई है। उक्त सूचना पर एसडीआरएफ टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर सर्चिंग की जा रही है।
2. एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा एसडीआरएफ को सूचित किया गया कि चन्द्रभागा पुल के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से 5 गाय नदी के बीच बने टापू पर फंस गई है। उक्त सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम द्वारा त्वरित कार्यावाही करते हुए सभी गायों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
3. विगत दिन दयानंद घाट पर डूबे युवक की एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्चिंग की जा रही है।
4. डुंडा, उत्तरकाशी मे पूर्व में डूबे व्यक्ति की एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्चिंग की जा रही है।परिवहन विभाग के अन्तर्गत क्षेत्रीय कार्यालय की आपदा सम्बन्धी तैयारी – राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारियों को आपदा की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए हाई अलर्ट पर रखते हुए हर समय अपने मोबाइल ऑॅॅन रखने हेतु निर्देशित किया गया है ताकि अपरिहार्य परिस्थितियों में सम्बंधित से सम्पर्क किया जा सके।

आपदा राहत कार्य हेतु वाहनां की मांग – अभी तक आपदा राहत हेतु किसी भी जिला प्रशासन द्वारा किसी भी परिवहन कार्यालय को वाहन की मांग प्रेषित नहीं की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड द्वारा राज्य के समस्त जनपदों में 24×7 चिकित्सा उपचार करने हेतु पूर्ण व्यवस्था की गयी है। प्रत्येक जनपद में स्थापित सभी चिकित्सालयों में चिकित्सक पैरामेडिकल अन्य स्टॉफ एवं औशधियं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। 108 एम्बुलेंन्स (24×7) एवं विभागीय एम्बुलेंन्स प्रत्येक जनपद में आवश्यकतानुसार तैनात है। साथ ही विभाग द्वारा जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकरियों के माध्यम आपदा की स्थिति में प्रत्येक जनपदों में नोडल और सहायक नोडल अधिकारी तैनात किये गये है।

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