Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 230

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

आखिर कब मिलेगा खेतों को पानी

जिले में करीब बारह हजार हेक्टेयर भूमि तो गंगनहर से सिंचित हो रही है, जिससे वहां के छोटे बडे़ किसान मजे में हैं। करीब पंद्रह हजार हेक्टेयर भूमि सरकारी नलकूपों से सिंचित हो रही है। वहां के किसान को खेत सिंचने में बहुत अधिक समस्या

जिले में करीब बारह हजार हेक्टेयर भूमि तो गंगनहर से सिंचित हो रही है, जिससे वहां के छोटे बडे़ किसान मजे में हैं। करीब पंद्रह हजार हेक्टेयर भूमि सरकारी नलकूपों से सिंचित हो रही है। वहां के किसान को खेत सिंचने में बहुत अधिक समस्या नहीं आती, लेकिन जो शेष रकबा निजी ट्यूबवेलों से सिंचित हो रहा है, वहां के किसान पर हर रोज नई आफत बनी रहती है। जिनके पास खुद के ट्यूबवेल हैं उनको भी थोड़ी बहुत राहत है, लेकिन जिनके पास अपने ट्यूबवेल नहीं हैं, उनके लिए गर्मियों में फसल बचाना मुश्किल हो जाता है। दरियापुर के हुक्म सिंह व राजपाल का कहना है कि जिनके पास मात्र पांच छह बीघा भूमि है, वह निजी ट्यूबवेल भी नहीं लगा सकते, इसीलिए किराए पर खेत सींचना मजबूरी है। पूर्व में जो निशुल्क बोरिंग योजना चलती थी, उसमें छोटे किसान के खेत पर बोरिंग हो जाती थी, कुछ किसान साझे में डीजल इंजन खरीद लेते थे, लेकिन अब निशुल्क बोरिंग योजना का लाभ नहीं मिल पाता। हकीमपुर तुर्रा, इमलीखेड़ा, बेडपुर, पुहाना, नन्हेड़ा, इकबालपुर, बिझौली, बेलड़ा, बेलड़ी आदि क्षेत्र के किसान इसीलिए परेशान हैं कि उनके यहां प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। लोकसभा चुनाव में सिंचाई परियोजना का अच्छा खासा मुद्दा बना था।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this