– त्रिलोचन भट्ट ऊर्जा प्रदेश की एक स्वर्णिम तस्वीर उत्तराखंड के पांचों नदी बेसिनों (अलकनंदा, भागीरथी, गंगा सब, शारदा और यमुना) में कुल 336 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें कुल मिलाकर 27,189.56 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इन परियोजनाओं में सर्वाधिक 122
– त्रिलोचन भट्ट
ऊर्जा प्रदेश की एक स्वर्णिम तस्वीर
उत्तराखंड के पांचों नदी बेसिनों (अलकनंदा, भागीरथी, गंगा सब, शारदा और यमुना) में कुल 336 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें कुल मिलाकर 27,189.56 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इन परियोजनाओं में सर्वाधिक 122 परियोजनाएं अलकनंदा नदी बेसिन में हैं, जो 6947.32 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही हैं। सबसे अधिक बिजली उत्पादन शारदा नदी बेसिन में हो रहा है।
इस घाटी की कुल 84 परियोजनाएं 12,450 मेगावाट बिजली उगल रही हैं। इसी तरह भागीरथी नदी बेसिन की 48 परियोजनाएं 3737.75 मेगावाट बिजली दे रही हैं। यमुना घाटी की 44 परियोजनाओं से 3259.185 मेगवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रामगंगा बेसिन की 32 परियोजनाएं भी अपनी क्षमता के हिसाब से पूरा जोर लगा रही हैं और 619.35 मेगावाट का सहयोग कर रही हैं और इन सबके पीछे बहुत कम क्षमता वाली गंगा सब बेसिन की 6 परियोजनाएं भी किसी से कम नहीं हैं, वे भी रात-दिन चल रही हैं और 175.55 मेगावाट बिजली पैदा करके अपने होने का अहसास दिला रही हैं।
यही वह तस्वीर है, जिसे इस राज्य के नीति-नियंताओं ने उत्तराखंड गठन के समय उकेरा था और बाकायदा घोषणा कर दी थी कि राज्य की इस तस्वीर को जल्दी ही धरातल पर उतारा जाएगा और इसे ऊर्जा प्रदेश का गौरव प्रदान किया जाएगा।
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