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गंगोत्री धाम के कपाट शीतकालीन के लिए हुए बंद

गंगोत्री से मां गंगा की डोली ढोल-दमाऊ, आर्मी बैंड और मां गंगा के जय-जयकारों के साथ मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। मां गंगा का रात्रि विश्राम आज मां चंडी देवी (मार्कण्डेय पूरी) मंदिर में होगा।

मां गंगा के उद्गम स्थल स्थित उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ गंगोत्री धाम के कपाट 26 अक्टूबर को अन्नकूट के पावन पर्व पर दोपहर 12ः01 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा अर्चना के बाद विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिये गए।

पुलिस सुरक्षा के बीच गंगोत्री से मां गंगा की डोली ढोल-दमाऊ, आर्मी बैंड और मां गंगा के जय-जयकारों के साथ मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। मां गंगा का रात्रि विश्राम आज मां चंडी देवी (मार्कण्डेय पूरी) मंदिर में होगा।

कल मां गंगा की उत्सव डोली भैया दूज के पर्व पर अपने मायके मुखबा (मुखीमठ) पहुंचेगी। शीतकाल में श्रद्धालु मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा स्थित गंगा मंदिर में मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगें। मां गंगा की भोग मूर्ति 6 माह सोमेश्वर देवता के साथ मुखबा में रहेगी।

इस साल लगभग 6.25 लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किये। श्री अर्पण यदुवंशी, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के निर्देशन में इस बार चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा तैनात उत्तरकाशी पुलिस, फायर एवं एसडीआरएफ द्वारा चाहे बर्फबारी-कड़कती ठंड हो, बरसात हो या फिर किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थिति हो, 23 घंटे अपनी ड्यूटी पर रहते हुए श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल एवं सुगम बनाया गया।

यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं के रास्ता भटकने पर, लैंड स्लाइड के कारण मार्ग अवरुद्ध होने पर, अत्यधिक बरसात या फिर किसी भी प्रकार से मुसीबत में होने पर जनपद पुलिस एवं एसडीआरएफ द्वारा तत्काल मदद व रेस्क्यू कार्य किया गया।

इस यात्रा के दौरान कई वाक्यों पर श्रद्धालुओं के खोये पर्स, बैग व अन्य समान को भी पुलिस जवानों द्वारा ईमानदारी का परिचय देते हुये वापस लौटाया गया। कई सारे श्रद्धालुओं द्वारा जनपद पुलिस व एसडीआरएफ की मुक्त कंठ से प्रशंसा व आभार प्रकट किया गया।

उत्तरकाशी पुलिस ने कहा कि वह हमेशा कुशल एवं सुरक्षित यात्रा हेतु प्रतिबद्ध है, अगले साल गंगोत्री धाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत करती है।

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Hill Mail

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