मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहा कि राज्य के विकास के लिये रोड मैप पर तैयार कर कार्य किया जा रहा है। रोजगार और आर्थिकी को बढ़ावा देने के लिये पर्यटन कृषि बागवानी के क्षेत्र में योजनायें बनायी गयी है। प्रदेश में भूमि बैंक बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक निवेशक राज्य में उद्योगों की स्थापना के प्रति आकर्षित हों। स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को भी मजबूती देने के प्रयास किये जा रहे हैं। लखपति दीदी योजना में 2025 तक 1.25 लाख मातृशक्ति बहनों को लखपति बनाने की योजना बनायी गयी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार द्वारा विगत वर्ष “रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर्स“ की स्थापना जनपद अल्मोड़ा के हवालबाग में और जनपद पौड़ी के कोटद्वार में की गई। वर्तमान में इन “रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर्स“ के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इससे हमारे युवा रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनेंगे तथा पलायन रोकने में भी हम सफल होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर काफी चिंतित है और जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने इसमें प्रारंभिक जांच कराई। आज अभी तक 55 लोग जेल जा चुके हैं। भर्ती प्रक्रिया में नकल रोकने के लिए नकल विरोधी कानून लाया जा रहा है ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार की हरकत कर नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करने की सोच भी न सके।
जोशीमठ भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ शहर जनपद चमोली का तहसील मुख्यालय, श्री बद्रीनाथ जी का शीतकालीन निवास स्थान है, तथा सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। वे स्वयं वहां 3 दिन रहे, सरकार का सबसे पहला प्रयास प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना था। अंतरिम, तत्काल मदद के रूप में डेढ़ लाख रूपये, 200 से भी ज्यादा परिवारों को दिया जा चुका है। प्रभावितों के पुनर्वास और सेटलमेंट के लिए काम कर रहे हैं, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री भी लगातार इस नजर बनाये हुए हैं। 8 एजेंसियां यहां काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड के अन्य शहरों की धारण क्षमता का भी आंकलन किया जायेगा अगर उनमें क्षमता से ज्यादा निर्माण हो चुका हो तो उसको धीमा कराने का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पूर्णतः सुरक्षित है। यह भ्रम अनावश्यक रूप से फैलाया जा रहा है उत्तराखंड असुरक्षित है। केवल जोशीमठ का कुछ ही क्षेत्र भूधंसाव से प्रभावित है। हमारा प्रयास आगामी चारधाम यात्रा को और बेहतर ढंग से संचालित करने का है। इसके लिये तैयारियां की जा रही हैं। उत्तराखंड पूर्णतः सुरक्षित है। यह संदेश देश दुनिया में जाना चाहिए।


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