Friday , 4 September 2026
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ऋषिकेश एम्स से ड्रोन द्वारा टीबी की दवाई भेजी गई यमकेश्वर के जुड़ा गांव

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक कदम और बढ़ाया है। एम्स ऋषिकेश के कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह के सुपरविजन में टेलिमेडिसीन के अन्तर्गत प्रायोजित कार्यक्रम में ड्रोन द्वारा आज टीबी रोग की दवाईयां पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड यमकेश्वर के ग्राम जुड़ा में पहुंचायी गयी।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर ने बताया कि एम्स द्वारा प्रायोजित यह ट्रायल सफल रहा और आगे इस कार्य को धरातल पर लाते हुए ड्रोन से दवाइयां भेजने का कार्य किया जायेगा जिससे आकस्मिक स्थिति में यह योजना दुर्गम क्षेत्रों के लिये वरदान साबित होगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस ट्रायल की सफलता पर पौड़ी की जनता को बधाई देते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में आम जनता को बेहतर सेवायें पहुंचाने के उद्देश्य से नवीनतम प्रयोग कर रही है। जिसके परिणाम स्वास्थ्य क्षेत्र में दिख रहे हैं।

इससे पहले भी एम्स ऋषिकेश से पहली बार टिहरी जनपद में ड्रोन के जरिये टीबी के मरीजों के लिए दवा भेजी गई थी। ऋषिकेश से करीब 20 किलोमीटर आसपास क्षेत्र में ड्रोन का दवा के बाक्स के साथ ट्रायल किया गया था और यह परीक्षण सफल रहा था।

प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि हमारा प्रयास उत्तराखंड के समस्त दुर्गम क्षेत्र में जरूरतमंदों तक आवश्यक दवा पहुंचाना है। विशेष रूप से उत्तराखंड में क्षय रोग नियंत्रण की दिशा में हमने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टीबी मुक्त भारत का संकल्प दोहराया था। इस संकल्प को हमने उत्तराखंड में साकार करने की कोशिश की है।

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Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

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