इस बार नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में सम्मानित अतिथि देश फ्रांस के साथ-साथ स्पेन, तुर्की, ईरान सहित पड़ोसी देश, नेपाल व श्रीलंका से 35 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशक भाग ले रहे हैं। साथ ही जी-20 देश की पुस्तकें, कला, संस्कृति और साहित्य को प्रदर्शित करने के लिए एक समर्पित जी-20 मंडप भी स्थापित किया गया है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के आधारभूत पहलुओं को युवा पाठकों तक पहुंचाने के लिए, मंडप में एक साउंड शॉवर ऑडियो तकनीक है जो एक अद्भुत ध्वनि अनुभव प्रदान करती है। कला निकेतन इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली की आठवीं कक्षा की छात्रा सृष्टि शर्मा ने कहा, “मैंने ऑडियो शॉवर का भरपूर आनंद लिया और इससे मैंने यह जाना कि जी-20 में 19 देशों के साथ यूरोपियन यूनियन शामिल हैं तथा वे सभी एक साथ काम करके हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों का संरक्षण करना चाहते हैं।“ जी-20 मंडप में पुस्तक प्रेमियों के लिए आकर्षण का एक अन्य केंद्र है इतिहास की दीवार, जिसमें गत वर्षों की जी-20 यात्रा का दस्तावेजीकरण किया गया है।

बाल मंडप मेले के पहले दिन से बच्चों में रचनात्मक अभिरुचियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में बाल लेखिका, कवयित्री और अनुवादक अनास्तासिया स्ट्रोकिना ने ईस्ट पॉइंट स्कूल, दिल्ली और रास्ता स्वयं सेवी संथा के बच्चों के समक्ष अपनी कहानी ‘ए कैट नेम्ड नेल्सन’ के माध्यम से सेंट पीटर्सबर्ग की सड़कों का जीवंत चित्रण किया। उन्होंने बच्चों को अधिक-से-अधिक किताबें पढ़ने की सलाह दी, क्योंकि केवल कहानिययाँ ही कल्पना निर्माण में मदद कर सकती हैं। अगले सत्र में बच्चों के लिए क्विज़ प्रतियोगिता, स्पेल बी और पुस्तक कवर डिजाइन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न स्कूलों व स्वयं सेवी संथाओं के बच्चों ने भाग लिया।

थीम पवेलियन में प्राइम टाइम टॉक में सूबेदार मेजर योगेंद्र यादव ने कहा, “किताबें हमारी सच्ची मित्र और जीवन की मार्गदर्शक होती हैं। शिक्षित और सहानुभूतिपूर्ण होने के लिए हमें अधिक से अधिक किताबें पढ़नी चाहिए।” इससे पूर्व, माधवी वैध द्वारा ’वासुदेव बलवंत फड़के’, विनीता तैलंग द्वारा ’अनंत लक्ष्मण कान्हारे’ और विभावरी बिदवे द्वारा ’गणेश वासुदेवमावलंकर’ नामक मराठी पुस्तकों का विमोचन और संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, नोएडा एक्सटेंशन की एक शिक्षिका प्रीति भारद्वाज, जो छात्रों को स्कूली दौरे पर मेले में लेकर आई थीं, ने कहा, “बच्चों को पुस्तक मेले में लाना बहुत महत्वपूर्ण है। विभिन्न प्रकाशनों की रंग-बिरंगी पुस्तकें देखकर बच्चे प्रेरित होते हैं और जब वे प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और उपहार पाते हैं तो उन्हें खुशी होती है। जब बच्चों को नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के दौरे के बारे में बताया गया, तो वे बेहद उत्साहित हो गए।

आने वाले दिनों में, पुस्तक-प्रेमियों को प्रीति शेनॉय, आनंद नीलकांतन, कुमार विश्वास, कबीर बेदी, जौहर अली खान और कई अन्य साहित्यिक व मनोरंजन क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मिलने और उन्हें सुनने का मौका मिलेगा। शनिवार 4 मार्च 2023 को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के स्वामी सत्यदेव द्वारा एक योग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसका लाभ मेले में आने वाले सभी पाठक ले सकते हैं। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में सामान्य और व्यापारिक शीर्षकों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और अन्य भारतीय भाषाओं में मानविकी, और बाल साहित्यों से भरी किताबें पुस्तक-प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय गतिविधि केंद्र, थीम मंडप, ऑथर्स कॉर्नर, लेखक मंच और सेमिनार हॉल में भी मेले की पूरी अवधि के दौरान कार्यक्रमों, पुस्तक विमोचन, सत्रों और सेमिनारों का आयोजन किया जा रहा है।


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