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उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरपौड़ी गढ़वाल

शरीर और मन को शांति प्रदान करने के लिए प्राणायाम एवं आसन जरूरी – डॉ. बेरोनिक निकोलई

ऋषिकेश स्थित मुनि की रेती गंगा रिसॉर्ट में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित “अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2023” के दूसरे दिन विभिन्न योग संस्थानों के ट्रेनर और योग साधकों को योगा सेशन में प्रतिभाग किया गया। इसके बाद दूसरे सत्र में आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था द्वारा मुख्य पंडाल में ध्यान सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तीसरे सत्र में कॉस्मिक हीलिंग” एक्सपर्ट डॉ. उर्मिला पांडेय ने शारीरिक एवं मानसिक रोग सम्बन्धी नकारात्मक ऊर्जा को योग एवं कॉस्मिक हीलिंग के जरिए खत्म कर सकारात्मक ऊर्जा में बदलने का व्याख्यान दिया।

दोपहर में आयोजित सत्र के दौरान विशेषज्ञ डॉ. बेरोनिक निकोलई द्वारा शरीर और मन को शांति प्रदान करने के साथ ही निरोगी रहने हेतु प्राणायाम एवं आसन की विस्तृत जानकारी दी गई। मध्यान सत्र के बाद आयोजित परिचर्चा में योग विशेषज्ञों की उपस्थिति में “उत्तराखण्ड – विश्व की योग राजधानी“ विषय पर एक पैनल परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड राज्य की योग ब्रांड एंबेसडर दिलराज प्रीत कौर, शिवानंद आश्रम की मारिया पॉली, योग एवं कॉस्मिक हीलिंग विशेषज्ञ डॉ उर्मिला पांडेय तथा अष्टावक्र योग में विश्व कीर्तिमान धारक डॉ प्रिया अहूजा ने शिरकत की।

इस एक घंटे की परिचर्चा सत्र में विशेषज्ञों ने उत्तराखंड की अनोखी योग विरासत पर प्रकाश डाला। परिचर्चा के दौरान योग नगरी ऋषिकेश में देश-विदेश से योग ध्यान के लिए ऋषिकेश के ऐतिहासिक योग स्थल चौरासी कुटी (बीटल्स आश्रम) के बारे में योग साधकों को जानकारी दी गई साथ ही योग से रोजगार सृजन आदि के विषय पर प्रकाश डाला।

योग महोत्सव के दूसरे दिन देर शाम कार्यक्रमों में भव्य गंगा आरती के बाद संगीतमय गाथा के जरिए कलाकारों द्वारा सीता स्वयंवर की भक्तिमय प्रस्तुति की गई। रंगारंग कार्यक्रम में युवा कलाकारों द्वारा पंजाबी गटका की रोमांचकारी प्रस्तुति दी जिसमें नृत्य एवं भारतीय मार्शल आर्ट का समावेश नजर आया।

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Hill Mail

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