भारतीय जनता पार्टी योगी सरकार के पार्ट 2 के एक साल पूरा होने पर लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, राज्य महासचिव (संगठन) धर्मपाल सिंह और अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की छः साल की उपलब्धियां और पिछले छः साल में राज्य में हुए बदलावों के बारे में बताया जायेगा। वह बेहतर कानून व्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के कारण राज्य में बने निवेश के अनुकूल माहौल के बारे में भी बतायेंगे।

लखनऊ में 10 से 12 फरवरी तक यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का आयोजन किया गया था। इस समिट का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं समापन राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा किया गया। इस समिट में लगभग 35 लाख करोड़ के 20 हजार से ज्यादा एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। समिट में प्रदेश सरकार ने अपने लक्ष्य से तीन गुणा से अधिक निवेश प्रस्ताव हासिल करने में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समिट के उद्घाटन सत्र में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप नए भारत का नया उत्तर प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाने को तैयार है। प्रदेश के युवाओं को 92.50 लाख से अधिक नौकरी व रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर आधारभूत सुविधाओं व बदली कानून-व्यवस्था का परिणाम है कि आर्थिक रूप से पिछड़े पूर्वी क्षेत्र को नौ लाख 55 हजार करोड़ रुपये तथा बुंदेलखंड को चार लाख 28 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

राज्य सरकार के छः साल पूरा होने प्रभारी मंत्रियों द्वारा भी जिलों में प्रेस कांफ्रेंस की जा रही है। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य मौजूद रहेंगे। 2022 में राज्य विधानसभा में 255 सीटें जीतकर भाजपा राज्य में दूसरी बार सत्ता में आई थी। इसके बाद 25 मार्च 2022 को योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। पार्टी की राज्य इकाई भी इस अवसर को विभिन्न कार्यों के साथ मना रही है। वहीं जिलों में प्रभारी मंत्रियों के नेतृत्व में पत्रकार वार्ताएं आयोजित की जा रही हैं।

अपने छः साल के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीरो टालरेंस की नीति के तहत चिन्हित माफिया की काली कमाई से खड़ी इमारतों पर बुल्डोजर चलाना जारी रखा। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि 16 मार्च, 2022 से 15 मार्च, 2023 तक माफिया की 1849 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त व ध्वस्त की गई है। एक वर्ष में पुलिस ने चिन्हित माफिया के विरुद्ध विचाराधीन 28 मुकदमों में प्रभावी पैरवी के बलबूते 13 माफिया व उनके 21 सहयोगियों को सजा कराने में भी कामयाबी पाई है।

बीते एक वर्ष में पुलिस मुठभेड़ में 21 कुख्यात अपराधी मारे गए हैं, इनमें माफिया गिरोह के 12 सक्रिय सदस्य शामिल हैं। जबकि छह वर्ष में कुल 179 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। इस दौरान 15 पुलिसकर्मी ने भी बदमाशों से मुकाबले में अपने प्राणों का बलिदान दिया है। यूपी पुलिस सुशासन, सुरक्षा व संवाद की नीति पर काम कर रही है।



Leave a comment