Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 230

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

पद्मश्री बसंती देवी बिष्ट ने जागर गायन से दिया अपनी जड़ों की ओर लौटने का रैबार

हिल मेल: एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने का – ने अपनी पहल रैबार को आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली के मुक्त धारा सूचना एवं संस्कृति केंद्र में 22 जनवरी को जागर सम्राज्ञी पद्मश्री बसंती देवी बिष्ट के जागर गायन का आयोजन किया। बसंती देवी

हिल मेल: एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने का – ने अपनी पहल रैबार को आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली के मुक्त धारा सूचना एवं संस्कृति केंद्र में 22 जनवरी को जागर सम्राज्ञी पद्मश्री बसंती देवी बिष्ट के जागर गायन का आयोजन किया। बसंती देवी बिष्ट के कुमाऊंनी और गढ़वाली जागर गायन से श्रोता अभिभूत नजर आए।

जागर जिसका शाब्दिक अर्थ होता है जगाना। अपनी संस्कृति को संवेदनशीलता से याद रखने के प्रयास में यह आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में जागर एवं लोककला प्रेमियों ने इस प्रस्तुति का आनंद उठाया। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड की कई प्रबुद्ध शख्सियतें जागर सुनने पहुंचीं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के सचिव श्री भास्कर खुल्बे, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री अश्विनी लोहानी, कोस्टगार्ड के प्रमुख राजेंद्र सिंह, ब्रहमोस के सीएमडी सुधीर कुमार मिश्रा और ओएनजीसी के डारेक्टर (एचआर) श्री डीडी मिश्रा उपस्थिति थे। श्री भास्कर खुल्बे ने श्रीमती बसंती देवी बिष्ट को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर भास्कर खुल्बे ने कहा, आज पद्मश्री बसंती देवी बिष्ट ने हमें बिल्कुल चेता दिया कि देखिए, महिलाएं बदलाव की प्रतीक हैं। उन्हें भूलना नहीं हैं। उत्तराखंड की महिलाएं अगर बदलाव लाएंगी तो विकास बहुत तेजी से होगा। जागर के माध्यम से यह संदेश संभवतः सभी तक पहुंच गया है।

रेलवे बोर्ड से चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा कि वह सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ते हुए जागर के मंच पर पहुंची हैं। उनकी यात्रा इसलिए अद्भुत है क्योंकि जब यह शुरू हुई थी,तब इस बारे में सोचना भी काफी कठिन था। कोस्टगार्ड के प्रमुख राजेंद्र सिंह ने कहा कि श्रीमती बिष्ट जैसे समर्पित लोकगायकों के कारण उत्तराखंड की यह विधा आज भी संरक्षित और सुरक्षित है। नई पीढ़ी तक जागर को सुनने और समझने का प्रयास कर रही है। ऐसे में हिल-मेल की यह पहल काफी प्रासंगिक हो जाती है।

इस आयोजन के बारे में बताते हुए हिल-मेल फाउंडेशन की सम्पादक चेतना नेगी ने बताया कि हमारा प्रयास रैबार के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों को उनकी जड़ों से फिर जोड़ना है। आज जब पलायन उत्तराखंड की सबसे बड़ी त्रासदी बन गया है, इस पहल से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि लोग अपने गांवों की बात करें, वहां जाने पर विचार करें। वह जागर ही हैं, जो उत्तराखंड को सीधे अपने गांवों, देवी-देवताओं से जोड़ने हैं। लिहाजा इसकी शुरुआत जागर गायन से बेहतर क्या हो सकती है।

इस मौके पर हिल मेल का खास संस्करण और यूथ फाउंडेशन की स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व वाले यूथ फाउंडेशन, उत्तराखंड जल विद्युत निगम, उत्तराखंड सरकार और बंगाल रेजीडेंस का विशेष सहयोग रहा।

– हिल-मेल ब्यूरो

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this