Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 230

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

कश्मीरीयुवाओं को सेना के लिए तैयार कर रहा यूथ फाउंडेशन

भटके कश्मीरी युवाओं को मुख्यधारा में लाने की सेना की अनोखी पहल मनजीत नेगी, देहरादून एक तरफ भारतीय सेना कश्मीर घाटी में आतंकियों का सफाया कर रही। मारे गए आतंकियों का आंकड़ा दोहरे शतक के पार जा चुका है। दूसरी तरफ सेना भटके हुए कश्मीरी

भटके कश्मीरी युवाओं को मुख्यधारा में लाने की सेना की अनोखी पहल

मनजीत नेगी, देहरादून

एक तरफ भारतीय सेना कश्मीर घाटी में आतंकियों का सफाया कर रही। मारे गए आतंकियों का आंकड़ा दोहरे शतक के पार जा चुका है। दूसरी तरफ सेना भटके हुए कश्मीरी युवाओं को देश की मुख्यधारा में लाने में जुटी हुई है। हम आपको सेना की एक ऐसी ही अनोखी पहल से रूबरू करा रहे हैं। कश्मीर घाटी से देहरादून घाटी में एलओसी से लगे उरी इलाके के युवा सेना में शामिल होने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। दरअसल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में यूथ फाउंडेशन ने ये कवायद शुरू की है।

उरी के दो युवा मोहम्मद शफकत और मोहम्मद तारिक देहरादून के यूथ फाउंडेशन कैंप में सेना में भर्ती होने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। तीन महीने की इस कड़ी ट्रेनिंग के बाद ये दोनों कश्मीरी युवक जम्मू कश्मीर लाइट इंफ्रेंट्री में भर्ती होने के लिए तैयार होंगे। मोहम्मद तारिक इस ट्रेनिग से बहुत जोश में है और वो सेना में भर्ती होकर सीमा पार से आने वाले आतंकियों से मोर्चा लेना चाहता है। यहां ये दोनों कश्मीरी युवा यूथ फाउंडेशन के जिस कैंप में ट्रेनिंग ले रहे हैं वहां उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों की लड़कियों की भी ट्रेनिंग चल रही है। सेनाओं में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। लड़ाकू विमान उड़ाने से लेकर लड़कियां हर मोर्चे पर हाथ आजमा रही हैं। ऐसे में सेना में करियर बनाने का सपना देख रही पहाड़ की बेटियों को तीन महीने की ये खास ट्रेनिंग दी जा रही है।

तीन महीने की ये ट्रेनिंग पूरी तरह से आर्मी के मायनों के मुताबिक दी जा रही है। सुबह 6 बजे से ट्रेनिंग का सिलसिला शुरू होता है जो देर शाम तक चलता है। चिन-अप, रस्सी पर चढ़ना-उतरना और लांग जंप हर तरह के मुश्किल से मुश्किल प्रशिक्षण से सभी को गुजरना है। सेना के पूर्व प्रशिक्षक के साथ ही नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की महिला प्रशिक्षक इस कैंप में लड़कियों को ट्रेनिंग दे रही हैं। यह ट्रेनिंग कितनी कठिन है इसका अंदाजा इसी बात से चल जाता है कि आतंकी हमले के तौरान रूम इंटरवेंशन ड्रिल भी इन लड़कियों से कराई जा रही है। इसमें लड़कियां बांस के डंडे के सहारे 30 फ़ीट ऊंची दीवार पर चढ़ती हैं।

इस कैंप को चलाने वाले कर्नल अजय कोठियाल का कहना है, ट्रेनिंग से लड़कियां भी सेना में भर्ती होकर अपना दम खम दिखा सकेंगी। केदारनाथ आपदा के बाद पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले कर्नल कोठियाल ने इससे पहले उत्तराखंड में जगह-जगह ट्रेनिंग कैंप शुरू कर उत्तराखंड के सैकड़ों युवाओं को सेना में शामिल होने की राह दिखाई है। पिछले 3 साल में 2000 से ज्यादा स्थानीय युवा गढ़वाल और कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हो चुके हैं। अब वह देवभूमि की बेटियों और कश्मीर के युवाओं को देश सेवा की राह पर ले जा रहे हैं।

भाड़े के आतंकियों ने कश्मीर में बहुत गंदगी फैलाई है। मैं चाहता हूं कि हमारा कश्मीर अच्छा बने। मैं फौज में भर्ती होकर कम से कम दस आतंकी मारना चाहता हूं।
-मोहम्मद तारिक

यहां यूथ फाउंडेशन के कैंप में आर्मी में भर्ती होने की बेसिक ट्रेनिंग मिल रही है। हम बॉर्डर के इलाके में रहते हैं। वहां बहुत परेशानी हैं। सेना ने उरी से हमें यहां भेजा है।
– मोहम्मद शफकत

पिछले दो महीने से ये लड़के यहां ट्रेनिंग कर रहे हैं और अभी हमें कश्मीर से 15 लड़कों का आवेदन आया है कि वे हमारे ट्रेनिंग कैंप में आना चाहते हैं। यहां से ट्रेनिंग के बाद ये भारतीय सेना में शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में हम कश्मीर के युवाओं के लिए एक अलग कैंप भी खोल सकते हैं।
– कर्नल अजय कोठियाल, प्रिंसिपल निम

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this