पहाड़ों की रानी, मसूरी के 200 साल पूर्ण होने पर नगर निगम मसूरी द्वारा रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। मसूरी को आज उत्तराखंड के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक गिना जाता है। मसूरी के स्थापना पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के इतिहासकारों, लेखकों, साहित्यकारों, पत्रकारों और आजादी से पूर्व के स्कूलों सहित आयरलैंड से आईं राचेल मैगोवन, कैरोलीन मैगोवन को स्मृति चिह्न व शॉल देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसकी प्रस्तुति ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान मसूरी की स्थापना करने वाले कैप्टन यंग की चौथी पीढ़ी के आयरलैंड से आईं राचेल मैगोवन, कैरोलीन मैगोवन ने मसूरी के इतिहास से अवगत कराया। इस दौरान मसूरी के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। उधर, मसूरी के स्थापना दिवस पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने वीडियो संदेश के माध्यम से बधाई दी।

नगर पालिका परिषद मसूरी की ओर से टाउन हॉल में आयोजित द्विशताब्दी समारोह का उद्घाटन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) अनिल कुमार भट्ट, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, कैप्टन यंग की चौथी पीढ़ी की राचेल मैगोवन ने किया।

इस दौरान राचेल मैगोवन ने कैप्टन यंग के भारत और मसूरी आने के सफरनामा, उनके जीवनकाल के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मसूरी दुनिया का सबसे सुंदर हिल स्टेशन है। राचेल ने बताया कि यंग मसूरी के लंढौर, देहरादून में रहे और सेवानिवृत्त होने के बाद करीब 15 साल तक आयरलैंड में रहे। कहा कि मसूरी की आबोहवा को प्रदूषित होने से बचाने की जरूरत है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मसूरी के हेरिटेज संपत्ति का सरकार संरक्षण कर रही है। हमारा प्रयास है मसूरी की तरह ही अन्य कई शहरों व स्थलों को इसी तरह विकसित कर पर्यटन की अन्य संभावनाएं तलाशी जाएं और उसी दिशा में हम अग्रसर हैं। कार्यक्रम में मसूरी के इतिहास को लेकर एक लघु फिल्म दिखाई गई। इस मौके पर देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, इतिहासकार जयप्रकाश उत्तराखंडी, सतीश एकांत, अनमोल जैन, पालिका सभासद जसबीर कौर, डीएफओ मसूरी आशुतोष सिंह आदि मौजूद रहे।


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