इस दौरान छोलिया नृत्य की पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुति दी रहे कलाकारों को देखकर डेलिगेट्स खुद को नहीं रोक पाए और महिलाओं के साथ ही पुरुष डेलिगेट्स ने भी उत्तराखंड के गीत-संगीत पर कलाकारों संग सुंदर नृत्य किया।

सभी मेहमान एयरपोर्ट पर हुई मेहमाननवाजी से काफी खुश एवं अभिभूत नजर आए। इसके बाद इन सभी को नरेंद्रनगर में जहां जी-20 के मुख्य आयोजन हैं वहां ले जाया गया।
नरेंद्रनगर में होने जा रही जी-20 की दूसरी एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप मीटिंग देवभूमि उत्तराखंड के लिए जी-20 की रामनगर में सफलतापूर्वक आयोजित चीफ साइंस एडवाइजर राउंडटेबल के बाद दूसरी बड़ी उपलब्धि है। यह उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से अपेक्षाकृत छोटे राज्य के लिए अत्यंत गौरवशाली उपलब्धि है।

जी-20 देशों से आए हमारे देवतुल्य विदेशी प्रतिनिधि (डेलीगेट्स) भी अपने साथ राज्य की नैसर्गिक सौन्दर्य, समृद्ध संस्कृति, अनूठे ग्रामीण जीवन के बेहतरीन अनुभव लेकर यहां से जाएंगे। राज्य में जी-20 के सम्मेलनों का आयोजन हमारे लिए नए अवसर, नए अनुभव, अपनी पारम्परिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विरासत, पर्यटन की क्षमताओं और सॉफ्ट पावर को अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर है।

मेहमान नजदीक से देखेंगे पहाड़ की संस्कृति
सम्मेलन के दौरान नरेंद्रनगर के ओणी गांव में विदेशी मेहमान पहाड़ के ग्रामीण परिवेश और मॉडल गांव का दीदार करेंगे। ऋषिकेश से करीब 14 किमी की दूरी पर स्थित ओणी गांव में करीब दस करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों किए गए हैं।

गांव को उत्तराखंड की पारंपरिक शैली के मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया है। गांव में सौंदर्यीकरण के साथ ही घरों को पारंपरिक एपण कला के साथ अन्य सांस्कृतिक-परंपरा और पारंपरिक वेशभूषा से जुड़ी चित्रकारी से जीवंत किया गया है।


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