इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान मछली पालकों को मछली पालन को सीख कर वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन का सुझाव दिया जिससे कि उन्हें अधिकतम लाभ प्राप्त हो स उन्होंने मछली की प्रजाति, बीज, पोषण एवं प्रबंधन को रेखांकित करते हुए इनके महत्व पर विशेष बल दिया।

उन्होंने किसानों को मछली के साथ मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन आदि को समन्वित रूप से अपनाकर अधिक आय प्राप्त करने के प्रयास करने चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने डॉ हीरालाल चौधरी के प्रयास की सराहना की तथा उत्प्रेरित प्रजनन में उनके योगदान के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ मनमोहन सिंह चौहान द्वारा निजी कम्पनियों द्वारा लगाए गए स्टाल का भ्रमण किया गया। प्रगतिशील मछली पालकों को कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पन्तनगर विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठात्री डॉ. मालविका दास, कृषि विज्ञान केन्द्र ज्योलिकोट के प्रभारी अधिकारी डॉ. सी. तिवारी, प्रसार शिक्षा निदेशालय से प्राध्यापक डॉ. आर. के. शर्मा, मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता डॉ. चौहान, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. ए. के. उपाध्याय, कृषि विज्ञान केन्द्र ज्योलिकोट के वैज्ञानिक, मत्स्य पालन विभाग के अधिकारीगण तथा लगभग 200 मत्स्य पालक किसान उपस्थित थे। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. जे. पी. जायसवाल द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की गई थीं।


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