Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 230

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home1/hillmail/public_html/wp-content/themes/pressroom/shortcodes/single-post.php on line 364

रंग लाया रैबारः श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की कमान संभालेगी सेना

– सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सीएम के साथ मेडिकल कॉलेज के दौरे के बाद इसके संचालन का जिम्मा लेने पर हामी भर दी हिल-मेल ब्यूरो, देहरादून पहाड़ों पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार को बड़ी सफलता हासिल हुई है।

– सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सीएम के साथ मेडिकल कॉलेज के दौरे के बाद इसके संचालन का जिम्मा लेने पर हामी भर दी

हिल-मेल ब्यूरो, देहरादून

पहाड़ों पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार को बड़ी सफलता हासिल हुई है। सत्ता में आने के साथ ही त्रिवेंद्र सरकार श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का संचालन सेना के हाथ सौंपने की कोशिश कर रही थी। इस पर पिछले साल उत्तराखंड के स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में हिल-मेल की पहल पर हुए रैबार कार्यक्रम में खुलकर चर्चा हुई। अब यह पहल अमली जामा पहनने जा रही है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया और राज्य सरकार के साथ मिलकर इसके संचालन का जिम्मा लेने पर हामी भर दी है। देहरादून दौरे पर आईं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस पर अपनी सहमति जता दी है।

25 मार्च को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्रीनगर में थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इसके बाद समीक्षा बैठक बुलाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों की संवेदनशील और विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराए जाने को लेकर राज्य सरकार ने भारतीय सेना से सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत समेत अन्य उच्चाधिकारियों के साथ इस संबंध में चर्चा की गई। जिसमें सेना ने श्रीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाएं देने पर अपनी सहमति जताई है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत के अथक प्रयासों के बाद श्रीनगर के बेस अस्पताल और मेडिकल कालेज के सेना प्रमुख के निरीक्षण के बाद सेना द्वारा संचालित करने पर सहमति बनी है। कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जल्द ही श्रीनगर के मेडिकल और बेस चिकित्सालय में सेना अपनी सेवाएं देनी शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना द्वारा बेस चिकित्सालय श्रीनगर श्रीकोट को चिकित्सीय सुविधाओं से लैस करने को लेकर भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अपनी सहमति दे दी है। इससे पहाड़ों में लोगों को अच्छी और सुविधा जनक चिकित्सा सेवाएं मुहैया हो सकेंगी।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और आम लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के प्रयास भारतीय सेना द्वारा किए जाएंगे। उन्होंने बेस अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। वहां पर तैनात चिकित्सों, फार्मासिस्टों और चिकित्साकर्मियों से चिकित्सा सुविधा की जानकारी प्राप्त की। सेना प्रमुख ने इमरजेंसी, ओपीडी, सर्जिकल वार्ड, ओटी, एमएलटी लैब समेत कई अन्य स्थानों का निरीक्षण तथा चिकित्सा प्रबंधन से जुड़े डाक्टरों से विचार विमर्श किया। इसके बाद जनरल बिपिन रावत बेस अस्पताल से मेडिकल कालेज पहुंचे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this