हिमालियन ग्राम विकास समिति गंगोलिहाट द्वारा नाबार्ड की सहायता से आयोजित कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत इन किसानों को जनरल बिपिन रावत पर्वतीय विकास शोध शिक्षणालय द्वारा विश्वविद्यालय के विभिन्न शोध केन्द्रों का भ्रमण कराकर विशेषज्ञों के व्याख्यान करवाये गये।
विश्वविद्यालय के पशुधन अनुसंधान केन्द्र पर डा. सुनील कुमार एवं डा. राजीव रंजन कुमार द्वारा दुधारू पशुओं के रख-रखाव व मुर्गीपालन के बारे में जानकारी दी गयी। सब्जी अनुसंधान केन्द्र एवं औषधीय पादप अनुसंधान केन्द्र पर डा. ललित भट्ट एवं डा. वीपी सिंह द्वारा सब्जियों की खेती में आधुनिक तकनीकों एवं औषधि पौधों की खेती संबंधी जानकारी दी गयी।
इसके साथ ही फसल अनुसंधान केन्द्र पर कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कृषकों को संबोधित करते हुए कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने जनरल बिपिन रावत पर्वतीय विकास शोध शिक्षणालय के माध्यम से चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी देने के साथ ही पशुपालन व डेरी के लाभों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र में बकरी पालन को आमदनी का बहुत ही अच्छा साधन बताते हुए पुरूष एवं महिला कृषकों को बकरी पालन हेतु प्रोत्साहित किया साथ ही ऐसी सब्जियां जोकि मैदानी क्षेत्र में नहीं होती और पर्वतीय क्षेत्रों में ही होती है, उनकी खेती पर अधिक बल दिये जाने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक आपके सहयोग के लिए हमेशा तैयार है एवं समय-समय पर इसी प्रकार कृषक गोष्ठी कर कृषकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक डा. आनंद सिंह जीना रहे।
कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में संचार निदेशक डा. जे.पी. जायसवाल, संयुक्त निदेशक डा. एस.के. वर्मा सहित विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।


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