जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अवैध रूप से होने वाली अफीम, खस-खस, भांग एवं पोस्त की खेती पर लगाम लगाने के संबंध में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी।
डीएम ने जनपद की सीमा में अवैध रूप से होने वाली अफीम, खस-खस, भांग एवं पोस्त की खेती का चिन्हीकरण करते हुए उसको नष्ट करने के राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग और संबंधित विभागों को निर्देश दिये।
उन्होंने सक्त निर्देश दिये कि बच्चों को तथा अन्य लोगों को नशा उपलब्ध कराये जाने वाले पैडलरों की पहचान करते हुए उन पर सक्त वैधानिक कार्यवाही करें व गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी अमल में लाएं।
उन्होंने ऐसे लाइसेंस धारक उत्पादकों के उत्पादन क्षेत्रों पर भी बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिये कि लाइसेंस की आड़ में कहीं मानक का उल्लंघन तो नहीं किया जा रहा है यदि ऐसा पाया जाता है तो लाइसेंस निरस्त करते हुए उन पर भी कानूनी कार्यवाही की जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिनके खेतों में तथा अहाते (प्रिमाइजेशन) में भांग, अफीम उत्पादित पायी जाए उन पर एफआईआर दर्ज करें तथा संबंधित ग्राम प्रधान को भी इस बात के लिए जिम्मेदार बनायें कि ऐसे अवैध उत्पादन की उनके द्वारा सूचना क्यों नहीं दी गयी।
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाले स्कूली बच्चों तथा अन्य लोगों की प्रोफाइल चैक करें तथा उसकी तह तक जायें कि किस तरह के नशे के आदी हैं, कब से हैं कौन उपलब्ध करा रहा है, क्या कारण हैं इत्यादि पारिवारिक पृष्ठभूमि तक का डाटा खंगालें।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सक्त चेतावनी दी कि ड्रग इंस्पैक्टर के माध्यम से नियमित रूप से मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण करें तथा देखें कि उसकी आड़ में नशे वाली चिजों की बिक्री तो नहीं की जा रही है तथा सीसीटीवी कैमरा भी सभी मेडिकल स्टोर पर लगवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण आदि विभागों को विभिन्न विश्वविद्यालयों, तकनीकी व मेडिकल संस्थानों, कॉलेजों व स्कूलों में समय-समय पर नशामुक्ति विषय से संबंधित सेमिनार का आयोजन करते रहने को कहा। प्रत्येक वाहन पर नशामुक्ति संबंधित पट्टी या संकेतक लगवाने के संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये।

वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने भी सभी संबंधित विभागों, संस्थाओं और संगठनों को जनपद को नशामुक्त कराने के लिए गंभीरता से प्रयास करने तथा किये जाने वाले प्रयासों के आउटकम का अध्ययन करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
इससे पहले जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के सक्त निर्देशों के क्रम में तहसीलदार
थैलीसैंण के नेतृत्व में थानाध्यक्ष थैलीसैंण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चौथान में उफरैंखाल क्षेत्र के ग्राम कफलगांव मल्ला, भरनौ एवं पापतोली में बंजर भूमि, भूमिधारकों की भूमि व राज्य सरकार की भूमि पर उगी हुई लगभग 0.340 हेक्टेयर (17 नाली) भांग को मौके पर ही नष्ट किया गया।
भांग विनष्टीकरण के दौरान ही संबंधित टीम द्वारा क्षेत्रान्तर्गत समस्त ग्राम वासियों को चेतावनी दी गयी कि अपनी भूमि/भवनों के आसपास उगी भांग की खेती को एक सप्ताह के अन्दर स्वयं नष्ट कर दें अन्यथा संबंधित के विरूद्व कानूनी कार्यवाही की जायेगी। इसके अतिरिक्त सभी ग्राम प्रधानों को भी भांग की अवैध खेती को नष्ट करवाने हेतु नोटिस जारी किये गये हैं।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सभी क्षेत्रों में अवैध भांग की खेती के चिन्हीकरण की कार्यवाही गतिमान है। चिन्हीकरण के पश्चात विनष्टीकरण की कार्यवाही भी की जा रही है।


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