इसके अलावा हमारे देश की सीमाओं पर रहने वाले गांव के लोगों की चिन्ता करना भी जरूरी है। क्योंकि इन लोगों के यहां पर रहने से हमको देश की सीमाओं के बारे में जानकारी मिलती है। अगर कोई अनजान इन इलाकों में आता है तो यह लोग उसको पहचान सकते हैं और उसके बारे में जानकारी सुरक्षा अधिकारियों को देते हैं।

इसलिए इन लोगों को जागरूक होना भी जरूरी है और सरकार को ऐसे गांव वालों को लगातार जागरूक करते रहना चाहिए और उनकी समस्याओं से भी रूबरू होना चाहिए जब यह लोग ठीक रहेंगे तभी वह लोग सरकार की भी मदद करेंगे।
इसी सिलसिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के तत्वावधान में सीनियर जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर की अध्यक्षता में सीमांत गांव गमशाली में जनजातीय समुदाय के लोगों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता/साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

विधिक शिविर में महिलाओं को महिला संबंधी कानून, महिला एवं संविधान, परिवार लॉ, दीवानी एवं फौजदारी लॉ, श्रम अधिनियम, पीएनडीटी अधिनियम आदि तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा दिये जाने वाले मुफ्त विधिक सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी देकर लाभान्वित किया गया।
सीमांत गांव में विधिक शिविर के आयोजन पर स्थानीय लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलबी सदस्यों सहित स्थानीय लोग मौजूद थे। ऐसे शिविरों के आयोजन करने से यहां के लोगों को नई नई जानकारी मिलती है और उनके क्या क्या अधिकार है और वह कैसे सरकार की मदद कर सकते हैं इससे भी उनको जागरूक किया जाना चाहिए।


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