Home देश-विदेश डांस मूव ही नहीं, अब ‘स्वच्छता मूव्स’ भी सीखिए
देश-विदेशसरोकार

डांस मूव ही नहीं, अब ‘स्वच्छता मूव्स’ भी सीखिए

सिलेब्रिटी टीचर कौशलेश मिश्रा ने ‘स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा’ का समर्थन अपने ही निराले और रचनात्मक अंदाज में किया। उन्होंने न सिर्फ अपने स्कूल के छात्रों को नए स्वच्छता एंथम ‘इक और कदम हम लेके चलें’ पर स्वच्छता मूव्स सिखाए, बल्कि स्वच्छता से जुड़ी कई गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को साफ-सफाई के आदर्श तरीके भी सुझाए।

स्कूल में अपने डांस मूव्स से वायरल हुए यूपी के टीचर कौशलेश अब सिखा रहे स्वच्छता वाले मूव्स

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक छोटे से गांव भवानी दीनपुर, ऊंचाहार स्थित स्कूल में अपने डांस मूव्स के जरिए सुर्खियों में आए प्राइमरी टीचर कौशलेश मिश्रा अब सभी को ‘स्वच्छता मूव्स’ सिखा रहे हैं। कौशलेश एक वीडियो में स्कूली छात्राओं को डांस सिखाते हुए नजर आए थे, जिसमें बॉलीवुड फिल्म ताल के गाने ‘ताल से ताल मिला’ पर उनके डांस मूव्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।

इसके बाद वहां स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 95 प्रतिशत हो गई और कौशलेश किसी सिलेब्रिटी इंफ्लुएंसर की तरह मशहूर हो गए। इसी को देखते हुए रायबरेली में नगर निगम ने कौशलेश की लोकप्रियता को भुनाते हुए देशभर में चल रहे ‘स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा’ का हिस्सा बनाया, ताकि स्वच्छता का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। उनका यह प्रयास काफी कारगर भी रहा और कौशलेश मिश्रा के साथ बहुत से स्कूली छात्रों, स्थानीय निकाय के अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवियों और स्थानीय निवासियों ने स्वच्छता के इस पखवाड़े में भागीदारी निभाई।

सिलेब्रिटी टीचर कौशलेश मिश्रा ने ‘स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा’ का समर्थन अपने ही निराले और रचनात्मक अंदाज में किया। उन्होंने न सिर्फ अपने स्कूल के छात्रों को नए स्वच्छता एंथम ‘इक और कदम हम लेके चलें’ पर स्वच्छता मूव्स सिखाए, बल्कि स्वच्छता से जुड़ी कई गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को साफ-सफाई के आदर्श तरीके भी सुझाए।

उन्होंने बच्चों को बताया कि किस तरह हरे और नीले रंग के डस्टबिन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखना कितना जरूरी है। किस तरह घर से ही कचरे को विभिन्न श्रेणियों में अलग करने से कूड़े के ढेर खत्म किए जा सकते हैं।

इस युवा शिक्षक ने बच्चों को स्वच्छता के बारे में महज बताया ही नहीं, व्यावहारिक रूप से अभ्यास भी कराया ताकि कम उम्र से ही वे स्वच्छता संबंधी आदतों को अपना सकें और हमेशा के लिए अपने जीवन में आत्मसात करें। कौशलेश कहते हैं कि सफाई का यह सिलसिला यहीं पर ना ठहरे, वह चाहते हैं कि उनके स्वच्छता मूव्स इतने प्रसिद्ध हो सकें कि आने वाले समय में बड़ी-बड़ी हस्तियां यह मूव्स फॉलो करें और स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचे।

बताते चलें कि स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़े से अब तक 2.6 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं और उत्तर प्रदेश की बात करें तो 2 हजार से ज्यादा गतिविधियों में करीब साढ़े 4 लाख लोग शामिल हो चुके हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, दुष्यंत गौतम को मिली सिक्किम की जिम्मेदारी

उत्तराखंड समेत देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल...

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम धामी ने दिया ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड...

उत्तराखंड बीजेपी से राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य कल करेंगे नामांकन, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के घोषित प्रत्याशी...

बिलखेत में 30 दिवसीय पैराग्लाइडिंग अभ्यास शिविर शुरू, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद

नयारघाटी के बिलखेत में एयरो स्पोर्ट्स और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने...