इस अवसर पर कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने 114वें किसान मेले की अब तक की गतिविधियों एवं श्रीअन्न से किसानों की आय में बढोत्तरी हेतु डीडी किसान से आये संवाददाता के साथ जानकारी साझा करते हुए कहा कि मोटे अनाजों को यदि बढ़ावा दिया जाये तो न केवल स्वास्थ्य अपितु कुपोषण को भी समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मोटे अनाजों को पानी की आवश्यकता कम होती है जबकि अन्य फसलों में पानी की खपत ज्यादा होती है।
किसान मेले में उत्तराखंड के स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाये गये स्टालों पर उनके द्वारा बनाये गये हस्त निर्मित विभिन्न प्रकार के उत्पादों का अवलोकन किया तथा उन्होंने बताया कि इनको बड़े स्तर पर करने की आवश्यकता है, जिससे यह कला पहाड़ी क्षेत्र की महिलाओं को रोजगारपरक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने मोटे अनाज से बने व्यंजनों का सेवन किया तथा ग्रामीण महिलाओं द्वारा किये जा रहे इन प्रयासों की सराहना की एवं उनके उत्पाद में बढ़ोत्तरी करने हेतु सुझाव भी दिये।
निदेशक प्रसार शिक्षा डा. जे.पी. जायसवाल द्वारा किसान मेले में लगी व्यावसायिक स्टालों द्वारा छोटे एवं बड़े टै्रक्टर, हार्वेस्टर, कम्बाईन, सोलर पैनल आदि का किसानोपयोगी यंत्रों एवं संसाधनों की तकनीकी जानकारी प्राप्त की, जिनको अपनाकर किसान अपने खेतों में उनका उपयोग कर अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकते है। वस्तुतः अन्य सरकारी संस्थाओं के स्टाल अपनी-अपनी जानकारियों से किसानों को उन्नत तकनीकें एवं विधियां देने का भरसक प्रयास कर रहे हैं, जिससे वे कम व्यय में अधिक उत्पादन एवं आय प्राप्त कर सकें।

दीपक पाण्डे की स्वदेशी दुधारू गाय रहीं सर्वोत्तम पशु
विश्वविद्यालय में चल रहे चार-दिवसीय किसान मेले के तीसरे दिन आज पशुचिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान महाविद्यालय के प्रांगण में पशु-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें पशुपालकों ने अपने पशुओं का 9 वर्गों में प्रदर्शन किया। इस पशु-प्रदर्शनी में दीपक पाण्डे पुत्र हरिश चन्द्र पाण्डे, शांतिपुरी, के स्वदेशी दुधारू गाय को सर्वोत्तम पशु घोषित किया गया जिसे विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने रिबन बांधकर सुशोभित किया। इस पशु-प्रदर्शनी के संयोजक, अधिष्ठाता पशुचिकित्सा, डा. एस.पी. सिंह, एवं सह संयोजक डा. एस.सी. त्रिपाठी थे।
निर्णायक मण्डल में डा. एस.पी. मौर्य, डा. आर.एस. बरवाल; डा. जे.एल सिंह एवं आर.आर. कुमार थे। इस कार्यक्रम के सहयोग में डा. एस.के. सैनी एवं डा. अनिल यादव का सहयोग रहा। इस अवसर पर कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को पशुओं की अच्छी नस्ल के बारे में सुझाव दिये। कार्यक्रम के अंत में पशुपालको को पशु स्वास्थ्य संबंधित किट एवं मिनरल मिक्चर निःशुल्क बांटे गये।

पंतनगर किसान मेले में विश्वविद्यालय के बीजों की बिक्री जारी
पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे किसान मेले में आज तीसरे दिन भी किसानों द्वारा विभिन्न खरीफ फसलों के बीजों की खरीद जारी रही। किसानों द्वारा मेले में विश्वविद्यालय के फसल अनुसंधान केन्द्र, प्रजनक बीज उत्पादन केन्द्र, विश्वविद्यालय फार्म तथा एटिक स्टालों से प्रथम से तृतीय दिवस के दोपहर तक लगभग 1 करोड़ 40 लाख रूपये के विभिन्न रबी फसलों के बीजों की खरीद की गयी।
इसके अतिरिक्त औषधीय एवं संगंध पौध अनुसंधान केन्द्र, आदर्श पुष्प वाटिका, सब्जी अनुसंधान केन्द्र, उद्यान अनुसंधान केन्द्र, कृषि वानिकी अनुसंधान केन्द्र तथा मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र के स्टालों से लगभग 28 लाख रूपये के बीज व पौधों की बिक्री की गई। साथ ही एटिक व प्रकाशन निदेशालय के स्टालों से प्रथम से तृतीय दिवस के दोपहर तक लगभग 24 हजार रूपये के प्रकाशनों की बिक्री की गई।


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