इस समझौते के दौरान मुख्य अतिथि विजय मित्तल, संयुक्त सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली मुख्य अतिथि थे। एन दत्तात्रेया, संस्थापक निदेशक समर्थ उद्योग टेक्नोलॉजी, विकास डोगरा, निदेशक और डा. सदाशिव पाठी, निदेशक, सी4आई4 तथा सी4आई4 के सदस्य भी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से डा. एम.एस. नेगी, निदेशक, सेवायोजन एवं परामर्श द्वारा समझौता ज्ञापन (एमयूओ) पर हस्ताक्षर किये गये। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिक महाविद्यालय डा. एस.डी. सामन्त्रे ने इन्डस्ट्री 4.0 की उपयोगिता के बारे में बताया।
समर्थ उद्योग टेक्नोलॉजी फोरम एवं विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमयूओ) के मुख्य बिन्दु क्रमशः उद्योग 4.0 के बारे में जागरूकता बढ़ाना, उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकी के साथ प्रत्यक्ष अनुभव विकसित करना, विनिर्माण उद्यमों द्वारा उद्योग 4.0 प्रथाओं को तेजी से अपनाना, छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करना और इंटर्नशिप पेश करना था।

कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ एवं शाल देकर सम्मानित किया गया तथा अन्य उपस्थित अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, हरिद्वार के अधिशासी निदेशक, टी.एस. मुरली, सिडकुल पंतनगर से टाटा मोटर्स के चिन्मय रॉय, वैभव, सीएसटी, जनरल मोटर्स के प्रतिनिधि ने प्रतिभाग किया।
इसके अतिरिक्त सी4आई4 के विभिन्न केन्द्रों यथा दत्तात्रेय नावगुटकर, मार्शल फर्नांन्डिज, प्रशांत मेहता, हार्दिक पाराशारी, डा. संजीव कटोच, शिवा रमन वी., प्रशांत मेहता, टाटा मोटर्स, जमशेदपुर, डा. विनोथ कनन ट्रिची, इन्द्रगनेशन ट्रस्ट आदि ऑनलाइन जुड़े।
सी4आई4 की ओर से कार्यक्रम का संचालन अनुजा अरोरा, परामर्षदात्री तथा पन्तनगर विश्वविद्यालय की ओर से डा. एस.डी. सामन्त्रे, विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिक महाविद्यालय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से विद्यार्थी उद्योगों के प्रति न केवल जागरूक होंगे बल्कि उसकी तकनीकों को भी सीखेंगे तथा विद्यार्थियों रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
कुलपति द्वारा विजय मित्तल पन्तनगर विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिक महाविद्यालय के 1984 बैंच के पूर्व छात्र रहे हैं, इस बात पर उनके द्वारा प्रशंसा व्यक्त की गयी। विजय मित्तल ने कहा कि इस एमओयू से विश्वविद्यालय के विद्याथियों के लिए उद्योग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और सीखने का भी मौका मिलेगा।
उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तकनीकों के बारे में सभी को अवगत कराया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, अधिष्ठाता, निदेशकगण एवं उद्योगजगत के अधिकारी उपस्थित रहे।


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