Friday , 4 September 2026
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पूर्व केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन की बैठक में लिये गये कई निर्णय, प्रधानमंत्री से भी किया गया अनुरोध

पूर्व केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन की बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अर्द्धसैनिकों द्वारा इस अवधि में सभी बलों के शहीद एवं दिवंगत हुए अर्द्धसैनिकों को एक मिनट का मौन धारण करके विनम्र श्रद्धांजलि दी गयी, इसके बाद सभा को प्रारम्भ किया गया। संगठन महासचिव सेनानी, जे.एस. तड़ियाल (से.नि.) द्वारा पिछले सभी मुद्दों पर निवारण हेतु की गयी कार्यवाही एवं इस अवधि में निर्गत कल्याणकारी आदेशों से सभा को अवगत कराया गया।

अध्यक्ष संगठन द्वारा विस्तृत रूप में अर्द्धसैनिकों के हितों के लिए कृता कार्यवाही, भविष्य की योजना तथा सरकार द्वारा पारित विभिन्न कल्याणकारी आदेशों पर प्रकाश डाला गया। वर्तमान में अर्द्धसैनिक संगठन पूर्ण रूप से अर्द्धसैनिकों तथा समय-समय पर राज्य सरकार, केन्द्र सरकार (गृह मंत्रालय) से विभिन्न माध्यमों से सेवानिवृत अर्द्धसैनिकों, वीरागनाओं तथा शहीद परिवार के कल्याण के लिए मुद्दे उठाती है, तथा उनका निवारण करने के लिए तत्पर रहती है।

बैठक में चर्चा के पश्चात निम्न निर्णय लिये गये :-

1. मुख्यमंत्री को प्रदेश में सेवारत तथा सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिकों, विरांगनाओं तथा परिवार के सदस्यों को 8 फरवरी 2014 के शासनोदश के अनुसार, आर्मी की तरह सब सुविधाओं को जल्दी से जल्दी लागू कर, सुविधायें देने का अनुरोध किया गया।
2. उत्तराखंड सरकार से अर्द्धसैनिकों के लिए ‘‘अर्द्धसैनिक कल्याण बोर्ड’’ का गठन करने का आग्रह।
3. सैनिकों तथा अर्द्धसैनिकों को एक ही मंत्री के अधीन रखने पर मुख्यमंत्री से विचार करने का अनुरोध।

4. प्रधानमंत्री से अनुरोध :-

(क) 11 जनवरी 2023 को 82 रिट पिटिशन पर लिये गये, दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय, जिसमें सभी अर्द्धसैनिक बलों को ‘‘आर्मड फोर्स ऑफ यूनियन ऑफ इंडिया’’ घोषित करते हुये, निर्णय लिया गया कि 1 जनवरी 2004 से भर्ती सभी कार्मिकों को ‘पुरानी पेंशन’ लागू किया जाये जैसे आर्मी, नेवी व एयरफोर्स के कार्मिकों पर लागू है।

(ख) सेवानिवृत्त, अर्द्धसैनिकों को भी ‘‘आर्मड फोर्सेज ऑफ यूनियन ऑफ इंडिया’’ घोषित किये जाने के पश्चात ओआरओपी दी जाये।

(ग) अर्द्धसैनिक बलों तथा पुलिस कार्मियों के लिए बनाई गई सेंटल पुलिस कैंटीन जिनको अब ‘‘केन्द्रीय पुलिस कल्याण भंडार’’ से जाना जाता है, उसमें सीएसडी की भांति जीएसटी में 50 प्रतिशत छूट दी जाये।

इस सभा की विशेष खुबसूरती यह रही कि सभा में संजय गुन्जयाल (भा.पु.से.), महा निरीक्षक, उत्तरी फ्रंट, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, उप महानिरीक्षक, आर.के. वर्मा (उत्तर फ्रंट) तथा सेनानी, पियूष पुष्कर ने भी सभा में भाग लिया। आई.जी. एस.एस. कोठियाल (से.नि.) अध्यक्ष संगठन द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। आई.जी. संजय गुन्जयाल, आई.पी.एस., नार्दन फ्रंटियरए भारत तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा अभिवादन स्वीकार करते हुए, पूर्व अर्द्धसैनिकों के कल्याण हेतु अपना विजन और विचारों का इजहार किया तथा प्रथम बार सभा में आने पर खुशी जाहिर की।

संजय गुन्जयाल ने वरिष्ठ अर्द्धसैनिक कल्याण के लिए जैसे – कैन्टीन सुविधा, परिवारिक समारोह में बल के उपलब्ध संसाधनों की मदद, वाहनों की आवश्यकता पढ़ने पर मदद तथा निर्देशों के अनुरूप जो भी कल्याणकारी सुविधा सम्भव होगी मुहैया करायी जायेगी, उन्होंने भविष्य में समस्त उत्तराखंड गढ़वाल-कुमायुं मंडल के अर्द्धसैनिकों से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा करने व विचार रखने की भी इच्छा जाहिर की। अन्त में उन्होंने पूर्व अर्द्धसैनिकों के लिए भविष्य में और कई सुविधायें उपलब्ध कराने की भी अपनी इच्छा व्यक्त की तथा उपस्थित सभी वरिष्ठ अर्द्धसैनिकों का धन्यवाद करते हुए भाषण समाप्त किया।

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