हिल-मेल ब्यूरो जून 2013 में केदारनाथ में आई आपदा और पिछले पांच साल में पुनर्निर्माण के सफर को मैंने ‘केदारनाथ से साक्षात्कार’ एक किताब का रूप दिया। दीपावली के दिन केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किताब की प्रति भेंट करने से मेरा ये सफर
हिल-मेल ब्यूरो
जून 2013 में केदारनाथ में आई आपदा और पिछले पांच साल में पुनर्निर्माण के सफर को मैंने ‘केदारनाथ से साक्षात्कार’ एक किताब का रूप दिया। दीपावली के दिन केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किताब की प्रति भेंट करने से मेरा ये सफर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया।

पीएम मोदी ने ‘केदारनाथ से साक्षात्कार’ की प्रति लेते मुझे बधाई दी और कहा कि उन्होंने ये किताब पढ़ी है। इस किताब में आपदा से पुनर्निर्माण का सजीव चित्रण किया गया है।
किताब के शुभकामना संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जीवट पत्रकारिता का यह पठनीय संकलन है। किताब के बारे में जाने-माने लेखक अमीश त्रिपाठी ने कहा है कि मैं सच्चा शिव भक्त हूं और आपको यह किताब जरूर पढ़नी चाहिए। जाने-माने फिल्मकार मधुर भंडारकर ने दी किताब के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी है।
इससे पहले 8 अक्टूबर को उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आजतक संवाददाता मनजीत नेगी की किताब ‘केदारनाथ से साक्षात्कार’ का विमोचन किया था।
पांच साल पहले केदारनाथ में आई प्रलयकारी बाढ़ कभी न भूलने वाली घटना है। प्रकृति की इस विनाशलीला और उसके बाद केदारघाटी को उसका दिव्य और भव्य स्वरूप लौटाने के लिए चले भागीरथ प्रयास को देखने और कवर करने के अनुभवों को मनजीत नेगी ने एक पुस्तक ‘केदारनाथ से साक्षात्कार’ के रूप में संकलित किया है। एक टीवी पत्रकार होने के नाते उन्होंने इस आपदा को कवर किया और पिछले पांच सालों में आपदा और पुनर्निर्माण के दौरान भी वह कई बार केदारनाथ गए।
इस पुनर्निर्माण के काम को सफल बनाने में कर्नल अजय कोठियाल और उनकी टीम का अहम योगदान रहा है। उनकी टीम ने हर मौसम में यहां पर पुनर्निर्माण के काम को जारी रखा। साथ ही सरकार ने भी अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जिससे कि यहां का पुनर्निर्माण का काम इतनी जल्दी समाप्त होने वाला है।
इस किताब को लिखने में 5 साल लग गए, एक ख्याल मेरे दिमाग में हमेशा रहा कि मौत के तांडव को इतने नजदीक से देखने के बाद मुझे इसे कलमबद्द जरूर करना चाहिए, लेकिन इन 5 सालों में पत्रकारिता के पेशे की भागमदौड में समय निकलता ही रहा, लेकिन जब त्रासदी के बाद घाटी को बचाने की कोशिशे शुरू हुई, और उन कोपलों को फूटंते देखा तो लगा कि सिर्फ विध्वंस को ही नही बताना चाहिए, बल्कि पुनर्निर्माण की दास्तां को भी बयां करूंगा।
बर्फबारी समेत मौसम की मुश्किलों के बीच केदारनाथ में पुनर्निर्माण किया जा रहा है। कर्नल अजय कोठियाल और उनकी टीम केदारनाथ के पुनर्निर्माण को अंतिम रूप दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी 2019 के चुनाव से पहले केदारनाथ पुनर्निर्माण को पूरा करना चाहते हैं। इसीलिए पीएम मोदी लगातार केदारनाथ पुनर्निर्माण पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी 2019 के आम चुनाव का शंखनाद केदरानाथ से करना चाहते हैं।







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