गौरतलब रहे कि जब से समीर सुहैल ने अपने पद से इस्तीफा दिया उसके बाद से नलिन नेगी ने अंतरिम सीईओ और सीएफओ का काम संभाल रहे थे और लम्बे समय से उन्हें सीईओ बनाने की बात चल रही थी। आखिरकार अब भारतपे ने यह आधिकारिक ऐलान किया गया है।
वर्ष 2023 भारतपे के टॉप मैनेजमेंट के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ। कंपनी के को फाउंडर अशनीर ग्रोवर और टॉप मैनेजमेंट के बीच चली कानूनी लड़ाई के बाद ग्रोवर ने कंपनी छोड़ दी थी और इसके बाद समीर सुहैल ने भी इस्तीफा दे दिया। सुहैल के जाने के बाद से ही नलिन नेगी अंतरिम सीईओ के रूप में काम कर रहे थे। मैनेजमेंट भी उनके काम की प्रशंसा करता रहता है।
कंपनी ने एक बयान में कहा, नलिन नेगी के नेतृत्व में, भारतपे ने वित्त वर्ष 2023 में परिचालन से राजस्व में 182 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और अक्टूबर में इसका पहला एबिटा-सकारात्मक महीना था। इसमें कहा गया है कि भारतपे अब एक नया सीएफओ नियुक्त करने पर विचार करेगा।
2018 में स्थापित, भारतपे के पास 450 से अधिक शहरों में 13 मिलियन से अधिक व्यापारियों का नेटवर्क है। कंपनी ने अब तक इक्विटी में 583 मिलियन डालर से अधिक जुटाए हैं, और पीक एक्सवी पार्टनर्स (पूर्व में सिकोइया कैपिटल इंडिया), रिबिट कैपिटल, बीनेक्स्ट और टाइगर ग्लोबल को निवेशकों के रूप में गिना जाता है।
28 साल का अनुभव
नलिन नेगी के पास बैंकिंग और फिनटेक क्षेत्र में काम करने का 28 साल से ज्यादा का अनुभव है। सीईओ बनने के बाद नलिन नेगी ने कहा कि वे नई जिम्मेदारी मिलने पर बहुत ख़ुश हैं। उन्होंने कहा, “मैं भारतपे में इस नई भूमिका को लेकर उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमारा रणनीतिक ध्यान निरंतर लाभप्रदता, ऋण देने वाले व्यवसायों को बढ़ाने और नए व्यापारी-केंद्रित उत्पादों को लॉन्च करने पर होगा। हम मजबूत नींव पर निर्माण करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और अपने व्यापारियों, भागीदारों और हितधारकों को मूल्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारतपे में शामिल होने से पहले नलिन नेगी एसबीआई कार्ड और जीई कैपिटल सहित प्रसिद्ध वित्तीय सेवा संगठनों में कई वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य कर चुके हैं जहां उन्होंने लाभप्रदता बढ़ाने, व्यवसायों के साथ रणनीतिक साझेदारी और एसबीआई कार्ड आईपीओ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।


Leave a comment