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कारगिल में भारतीय सेना की शौर्यगाथा को दर्शाती फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ

देश कारगिल विजय दिवस 25वीं वर्षगांठ 26 जुलाई को मनायेगा। इस दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर विजय हासिल की थी। इस युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के संयुक्त प्रयासों से राजीव चौक मेट्रो स्टेशन में 12 से 26 जुलाई तक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देशभर में ’कारगिल विजय रजत जयंती महोत्सव’ मनाया जा रहा है। भारत सरकार की इस पहल पर नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के संयुक्त प्रयासों से राजीव चौक मेट्रो स्टेशन प्रवेश द्वार 2 और 3 के नजदीक व्यूअर्स गैलरी में 12 से 26 जुलाई तक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के अध्यक्ष प्रोफेसर मिलिंद सुधाकर मराठे और एनबीटी इंडिया के निदेशक युवराज मलिक की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

फोटो प्रदर्शनी का उद्देश्य वर्ष 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र सेना के पराक्रम को प्रदर्शित करना है और उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी। प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों को भारतीय सेना की तरफ से उपलब्ध करवाया गया है। साथ ही यहां एक बुक रीडिंग कॉर्नर बनाया गया है, जहां कारगिल युद्ध से जुड़ी एनबीटी, इंडिया की पुस्तकें पढ़ने का अवसर भी यात्रियों के पास है।

प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के अध्यक्ष मिलिंद सुधाकर मराठे ने कहा- 1999 कारगिल युद्ध के दौरान जो बच्चे थे, आज वे युवा हो गए हैं और उन्हें कारगिल युद्ध के बारे में पूरी जानकारी हो, इसके लिए इस फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी के तीन भाग हैं- पहले में परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र व अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित वीरों की उपलब्धियों के बारे में बताया गया है। दूसरे भाग में उन वीरों के पत्रों का संकलन है जो कारगिल युद्ध में जाने से पहले वीरों ने अपने परिवार के सदस्यों को लिखे थे। उन पत्रों में देशकृप्रेम का भाव है। तीसरे भाग में कारगिल विजय की कभी ना भूलने वाली यादों को फोटो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

डीएमआरसी के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन अनुज दयाल ने कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र सेना की वीरता, साहस और जज्बे को याद करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने विषम परिस्थितियों में पाकिस्तानी घुसपैठियों का सामना किया और दुश्मन को खदेड़ा। भारत के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि एनबीटी, इंडिया पुस्तकों के माध्यम से इतिहास को संरक्षित कर रहे हैं, उसे जानने के लिए युवाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रदर्शनी में एक खास बात यह भी है कि जो सैनिक युद्ध में शहीद हुए, वे जैसा वहां महसूस कर रहे थे, उन्होंने उसे अपने परिवार के नाम लिखी चिट्ठियों में दर्शाया है। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन सबसे व्यस्ततम मेट्रो स्टेशन है। यहां एनबीटी, इंडिया ने फोटो और पुस्तक प्रदर्शनी से कारगिल युद्ध के गुमनाम वीरों के बारे में जानने के लिए बच्चों और युवाओं को प्रेरित किया है। जिन जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया, हमारा यह प्रयास है कि युवा पीढ़ी उससे प्रेरणा ले और अपने अंदर देशभक्ति की भावना को जागृत करें।

कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया। उनके लिए एनबीटी, इंडिया की तरफ से कथावाचन, कैरीकेचर और कला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों का जोश देखते ही बना। 12 से 26 जुलाई तक आयोजित इस प्रदर्शनी को देखने के लिए राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार 2 और 3 का उपयोग कर व्यूअर्स गैलरी में पहुंचा जा सकता है। इसके लिए मेट्रो टिकट लेने की आवश्यकता नहीं है। इसमें प्रवेश निःशुल्क है।

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Hill Mail

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