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भारतीय सेना ने विशेष वृक्षारोपण अभियान में बनाया नया विश्व रिकॉर्ड

128 इन्फेंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल, राजपूताना राइफल्स ने जैसलमेर में एक रिकॉर्ड तोड़ 'विशेष वृक्षारोपण अभियान' के साथ प्रादेशिक सेना प्लेटिनम जयंती समारोह मनाया।

प्रधानमंत्री के अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ और यूनिट के आउटरीच कार्यक्रम ‘भागीदारी और ज़िम्मेदारी’ के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदायों के बीच पारिस्थितिक बहाली को बढ़ाना और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल, जैसलमेर के जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा विंग होमगार्ड सहित कई हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। संकल्प तरु एनजीओ और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। यह अभियान जैसलमेर में सात अलग-अलग स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जो सामुदायिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट प्रयास को दर्शाता है।

‘वृक्षो रक्षति रक्षितः’ (जो पेड़ों की रक्षा करते हैं, वे सुरक्षित हैं) के बैनर तले इकाई ने कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें प्रावधिक वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन द्वारा मान्यता दी गई है। यह एक घंटे में एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे अधिक पौधे, एक घंटे में महिलाओं की एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे अधिक पौधे और एक ही स्थान पर एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा पौधे लगाने का रिकॉर्ड है। इन पौधों को लगाने में इन्फेंट्री बटालियन के जवानों के अलावा अलग अलग स्कूल के बच्चों, आम नागरिकों, एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों का सहयोग मिला।

128 इन्फेंट्री बटालियन के कमांडिंग आफिसर कर्नल प्रातुल थपलियाल ने बताया कि यह ऐतिहासिक प्रयास पर्यावरण स्थिरता और सामुदायिक सेवा के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस पहल की सफलता न केवल क्षेत्र में पारिस्थितिकी बहाली में महत्वपूर्ण योगदान देती है, बल्कि देश भर के समुदायों के लिए सक्रिय पर्यावरण संरक्षण प्रयासों में शामिल होने के लिए एक प्रेरक उदाहरण के रूप में भी कार्य करती है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के पुनीत अवसर पर 5 जून को बुद्ध जयंती पार्क में एक पौधा लगाकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 111 वें एपिसोड में इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक देशवासी से अपनी मां के प्रति सम्मान स्वरूप कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने की मार्मिक अपील की थी। प्रधानमंत्री की उस मार्मिक अपील ने देशवासियों के दिलों को छू लिया और देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच अपनी मां के प्रति अपने सम्मान की अभिव्यक्ति के रूप में पौधे रोपित करने की होड़ लग गई।

एक माह के अंदर ही देश भर में करोड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं और यह अभियान 140 करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य की ओर द्रुत गति से आगे बढ़ रहा है। हर भारतवासी अपूर्व उत्साह के साथ इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आतुर है। पर्यावरण की सुरक्षा और समृद्धि के लिए समर्पित इस अभियान को एक अनूठी उपलब्धि मानी जा सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, धरती का तापमान कम करने, भूजल स्तर को ऊपर लाने और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान करने में समर्थ होगा।

देश की सुरक्षा के अलावा 128 इन्फेंट्री बटालियन कई अन्य कामों में भी लगा हुआ है। हाल ही में 128 इन्फेंट्री बटालियन ने पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक के तल्ला बनास गांव में एक तिरंगा पार्क भी बनाया है। इसके अलावा इस पार्क में देश के प्रथम सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की मूर्ति भी लगाई गई है। चारधाम की थीम पर पहला जनरल बिपिन रावत स्मृति तिरंगा पार्क बनाया गया है। 80 फीट तिरंगा पार्क का निर्माण 128 इन्फेंट्री बटालियन (टीए) राजपूताना राइफल्स इको और जीबीआर मेमोरियल फ़ाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के सहयोग से बनाया गया। इस इको पार्क को बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारधाम की थीम पर बनाया गया है। आजकल बड़ी संख्या में पर्यटक इस तिरंगा पार्क देखने आ रहे हैं।

जनरल बिपिन रावत की मूर्ति एवं तिरंगा पार्क का उद्घाटन कुछ समय पहले तत्कालीन रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट एवं जनरल बिपिन रावत की सुपुत्री तारिणी रावत द्वारा किया गया। जनरल बिपिन रावत हमेशा युवाओं के रोल मॉडल रहे। वे युवाओं को देशभक्ति का पाठ पढ़ाते थे। उनकी यादों को जीवित रखने के लिए इस तिरंगा पार्क का निर्माण किया गया है।

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