हिल-मेल ब्यूरो
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 28 जनवरी को 1932 में स्थापित राजकीय इंटर काॅलेज, जयहरीखाल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चे शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे आ सके, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। इसके तहत गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय विद्यालय खोलने की योजना है।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल के जयहरीखाल में विद्यालय के लिए स्थान उपलब्ध हो गया है। जयहरीखाल में बनने वाला आवासीय विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा तथा इसमें समाज के सभी वर्गों के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिलेगा तथा इसका शुल्क उनके अभिभावकों की आय के हिसाब से निर्धारित किया जायेगा, जबकि जिनके अभिभावकों की कोई इनकम नही है, किन्तु उनके बच्चे मेधावी है, उनको भी निःशुल्क शिक्षा मुहैया करायी जाएगी, ताकि वे किसी भी प्रतियोगिता मंे अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि कोशिश ये रहेगी कि पूरे देश के अलग-अलग राज्यों से भी 10-15 प्रतिशत बच्चे इन विद्यालयों में आयें ताकि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे देश-प्रदेश की भी जानकारी प्राप्त कर सकें।
त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि केन्द्र सरकार का नारा है ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ और उसके तहत बेटियों की शिक्षा एवं उनके जन्म दर में बढ़ोत्तरी हुई है। बेटियों को बेटों की अपेक्षा कभी कम नहीं आंकना चाहिए। जो लोग सामाजिक कुरीतियों के कारण बेटियों को मुख्यधारा में आने से रोकते हैं, वे समाज के दुश्मन है। उन्होंने पौड़ी की रहने वाली वर्तिका जोशी की मिशाल देते हुए कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे आकर बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही है। कोई भी बच्चा अशिक्षित न रहे, ये हमारा संकल्प और सोच है।


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