Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पन्तनगर विश्वविद्यालय एवं फार वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, नेपाल के मध्य एमओयू
उत्तराखंड न्यूज़

पन्तनगर विश्वविद्यालय एवं फार वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, नेपाल के मध्य एमओयू

फार वेस्टन यूनिवर्सिटी नेपाल से पांच सदस्यीय दल जिसमें कुलपति डॉ. हेम राज पन्त के अलावा अधिश्ठाता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डॉ. भवानी चन्द्र ठाकुर, सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रकाश पन्त एवं प्रशासनिक अधिकारी नवीन बहादुर उपस्थित थे।

इस अवसर पर फार वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, नेपाल के कुलपति डॉ. हेम राज पन्त ने अपने विश्वविद्यालय की शोध उपलब्धियों की जानकारी दी एवं आशा व्यक्त की कि इस एमओयू से शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिणाम सामने आएंगे। अधिष्ठाता कृषि डॉ. विष्णु विकास अधिकारी द्वारा नेपाल के शोध एवं आधारभूत संरचना के बारे में अवगत कराया गया।

पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि इस एमओयू से दोनों विश्वविद्यालयों को शिक्षण, शोध एवं प्रसार कार्यों को सुदृढ़ता मिलेगी तथा इस एमओयू से वैज्ञानिक एवं शोध छात्र विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर विश्वविद्यालय की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विश्वविद्यालय की ओर से अधिष्ठाता कृषि डॉ. एस.के. कश्यप द्वारा विश्वविद्यालय के इतिहास से सभी को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. शिवा प्रसाद ने अपने स्वागत भाषण में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से एमओयू एवं विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त विभिन्न अवार्ड के बारे में बताया। सहायक प्राध्यापक, कृषि अर्थशास्त्र डॉ. श्वेता चौधरी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया तथा कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक मौसम विज्ञान विभाग डॉ. राजीव रंजन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव, अधिष्ठाता, निदेशकगण संकाय सदस्यों के साथ नेपाल के अधिकारीगण उपस्थित रहे। इसके उपरान्त फार वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, नेपाल के कुलपति एवं अधिश्ठाता कृषि डॉ. विष्णु विकास अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा प्रातः यूनिवर्सिटी सेन्टर में म्युजियम एवं अन्य सुविधाओं का भ्रमण किया गया।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...