Friday , 4 September 2026
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‘न अमेरिका, न यूरोप और ना ही चीन में…! ऐसा मानव समागम इतिहास में कभी नहीं हुआ’

महाकुम्भ 2025 के दिव्य-भव्य आयोजन के लिए संकल्पबद्ध प्रदेश की योगी सरकार ने इस महाआयोजन को विश्वस्तर पर लोकप्रिय कर दिया है। पूरी दुनिया से लोग प्रयागराज महाकुम्भ की अनुभूति करने आ रहे हैं। इसी क्रम में नॉर्वे के पूर्व जलवायु एवं पर्यावरण मंत्री एरिक सोलहेम महाकुम्भ पहुंचे। उन्होंने इस महाआयोजन को ‘अद्वितीय और जीवन में एक बार मिलने वाला अनुभव’ बताया। उन्होंने इसे न केवल विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन बल्कि इतिहास का सबसे विशाल मानव समागम भी करार दिया। एरिक सोलहैम ने इस भव्य आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव इतिहास में इससे बड़ा कोई आयोजन कभी नहीं हुआ, न अमेरिका में, न यूरोप में, न चीन में और न ही विश्व के किसी अन्य कोने में।

‘यह मेरे लिए जीवन में एक बार होने वाला अनुभव’

नॉर्वे के पूर्व जलवायु एवं पर्यावरण मंत्री एरिक सोलहेम ने कहा कि महाकुम्भ 2025 में अब तक 400 मिलियन (40 करोड़) से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। ये श्रद्धालु यहां देवों का आशीर्वाद लेने, आध्यात्मिक और भावनात्मक यात्रा पर निकलने, मित्रता को प्रगाढ़ करने तथा परिवार के साथ पर्व मनाने के लिए जुटे हैं। यह मेरे लिए जीवन में एक बार होने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि ये मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव है और मुझे यहां आकर बहुत खुशी हुई, क्योंकि अगला महाकुम्भ 144 साल बाद होगा।

दुनिया देख रही श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अद्वितीय संगम

सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन व डिजिटल सुविधाओं के कारण न केवल करोड़ों सनातनी बल्कि पूरी दुनिया से विभिन्न धर्मों के लोग भी महाकुम्भ की अनुभूति करने आ रहे हैं। योगी सरकार द्वारा महाकुम्भ के जरिए पूरी दुनिया के सामने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का भव्य प्रदर्शन कर रहा है। पूरी दुनिया से लोग यहां श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अद्वितीय संगम देखने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।

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Hill Mail

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