Sunday , 6 September 2026
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अन्नदाता किसानों के घर पहुंची योगी सरकार, बिचौलिया राज को किया समाप्त

अन्नदाता किसानों के हित के लिए संकल्पित योगी सरकार घर-घर पहुंच रही है। विपरीत मौसम को देखते हुए एक तरफ योगी सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि गेहूं खुले में न रहे, इसे गोदाम में सुरक्षित रखा जाए तो वहीं दूसरी तरफ रविवार हो या अन्य अवकाश, मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से संवाद जारी है। योगी सरकार के निर्देश पर महावीर जयंती के अवकाश पर भी खाद्य व रसद विभाग के अधिकारी गांव-गांव पहुंचे और किसानों से संवाद स्थापित किया।

नए किसानों ने क्रय केंद्रों पर की गेहूं की बिक्री

आंकड़े बताते हैं कि योगी सरकार के प्रयासों को किसानों का भी साथ मिल रहा है। 10 अप्रैल (दोपहर 12 बजे तक) गेहूं खरीद के लिए 3,67,875 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। 5784 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद हो रही है। 27,388 किसानों से 1.43709 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद भी हो चुकी है।

आलम यह है कि दो दिन में लगभग 11 हजार से अधिक किसानों ने सरकारी बिक्री के लिए पंजीकरण कराया। 8 अप्रैल तक जहां 20,409 किसानों से गेहूं क्रय किया गया था, वहीं 10 अप्रैल तक बिक्री करने वालों किसानों की संख्या बढ़कर 27,388 से अधिक हो गई है। यानी दो दिन में लगभग सात हजार से अधिक किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री की। 8 अप्रैल तक 3.56 लाख किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, जो 10 अप्रैल तक बढ़कर 3.67 लाख हो गई है।

गांव पहुंचकर अफसरों ने किसानों से किया संपर्क

गेहूं की अच्छी ख़रीद हो, इसके लिए कटाई के पहले से ही गांव गांव जाकर किसानों से संपर्क साधा गया और उन्हें सरकारी क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए प्रेरित किया गया। खाद्य व रसद विभाग पहली बार मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से किसान के खेत तक पहंचा। एक तरफ़ कटाई चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ मौके पर ही गेहूं तौला जा रहा है।

सीएम योगी के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी क्रय केंद्र खुल रहे हैं, जिससे गेहूं बेचना अन्नदाता किसानों के लिए काफी आसान हो गया है। गुरुवार को महावीर जयंती के अवकाश पर भी खाद्य व रसद विभाग के अधिकारी गांव-गांव पहुंचे और किसानों से संपर्क स्थापित किया।

बिचौलिया राज समाप्त

योगी शासन में बिचौलिया राज समाप्त हो गया। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 2,425 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जिसका भुगतान 48 घंटे के अंदर किसानों को किया जा रहा है। यही नहीं, गेहूं की उतराई, छनाई व सफाई के मद में 20 रुपये प्रति कुंतल की दर से भी किसानों को प्रतिपूर्ति की जा रही है।

योगी सरकार ने व्यवस्था की कि पंजीकृत किसान बिना सत्यापन 100 कुंतल तक गेहूं बेच सकते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रय केंद्रों पर बैठने, शुद्ध पेयजल आदि की भी समुचित व्यवस्था की गई है। वहीं किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान भी कराया जा रहा है।

8 वर्ष में लगभग 50 लाख किसानों को हुआ भुगतान

योगी सरकार के 8 वर्ष में किसानों को सीधे एमएसपी का लाभ दिया गया, जबकि सपा शासन में बिचौलियों का राज स्थापित रहा। योगी शासन के 8 वर्ष में लगभग 50 लाख किसानों को गेहूं बिक्री के लिए 43,424.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि सपा शासन के पांच वर्ष में महज 19,02,098 किसानों को 12,808.67 करोड़ रुपये ही भुगतान किया गया।

 

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Hill Mail

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