30 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू हो जायेगी। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। मंगलमय यात्रा की कामना को लेकर बदरीनाथ के रावल ने देवप्रयाग में गंगा की पूजा अर्चना की। चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खोलने से पहले मुख्य रावल ने देवप्रयाग में मां गंगा की आशीष लिया। मंगलवार को परंपरा का निर्वाह करते हुए बदरीनाथ रावल ने देवप्रयाग में गोमुख से आने वाली भागरथी और अलकापुरी बदरिनाथ से आने वाली अलकनन्दा नदी के मिलन के बाद गंगा नदी और श्री रघुनाथ जी का पूजन किया।


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