Home उत्तराखंड न्यूज़ नैनीताल दुष्कर्म के आरोपी उस्मान पर एससी एक्ट की हुई बढोत्तरी
उत्तराखंड न्यूज़देश-विदेशनैनीताल

नैनीताल दुष्कर्म के आरोपी उस्मान पर एससी एक्ट की हुई बढोत्तरी

इसके अलावा क्षेत्र के कई दर्जन अन्य लोगों को नोटिस हुए हैं। यह अपने आप मे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है। नगर पालिका इस तरह से मकान खाली कराने का नोटिस उन्हें बिना सुने नहीं दे सकती। उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया दिया। क्योंकि आरोपी पुलिस की कस्टडी में है।

12 साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। नैनीताल नगर पालिका ने 65 साल के आरोपी मो उस्मान के घर को अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ने का नोटिस दिया था। नगर पालिका के इस नोटिस के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने घर तोड़ने की रोक को जारी रखा है।

इसके अलावा कोर्ट ने एसएसपी नैनीताल को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक सप्ताह मामले की खुद समीक्षा करें। अगली सुनवाई पर की गई कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। एसएसपी नैनीताल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए थे।

उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि शहर में शांति व्यवस्था बनी हुई। मामले में जांच चल रही है, आरोपी पर पॉक्सो के अलावा एससी एक्ट की भी धारा लगाई गई है। क्योंकि पीड़िता अनुसूचित जाति की है। वहीं मामले में नगर पालिका ने अपना जवाब पेश कर कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद नगर पालिका ने जो अवैध मकान खाली कराने का नोटिस दिया था, उसे वापस ले लिया है।

याचिका में पीड़ित परिवार की तरफ से पक्षकार बनाये जाने के लिए प्रार्थना पत्र अपने अधिवक्ता ने पेश किया। उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखकर कहा कि सोशल मीडिया पर अधिवक्ताओं व न्यायालय के खिलाफ अभद्रता भरे पोस्ट किए जा रहे है, इसपर रोक लगाई जाए। इसके लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए जाएं।

बता दें कि नैनीताल नगर पालिका ने दुष्कर्म के आरोपी को मो. उस्मान को घर खाली करने और तोड़ने का नोटिस दिया था, जिसको मो. उस्मान के अधिवक्ता डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती थी। मो. उस्मान के वकील ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश हैं कि अतिक्रमण हटाने से 15 दिन पहले नोटिस देना होता है, लेकिन नगर पालिका ने केवल 3 दिन का समय दिया, जबकि आरोपी जेल में है।

मामले के अनुसार आरोपी उस्मान ने नाबालिग के साथ 12 अप्रैल को दुष्कर्म किया था। जब इसका पता हिन्दू संगठनों को चला तो संगठन भड़क उठे। नैनीताल में बवाल हो गया। कई दुकानों में तोड़फोड़ व कई के साथ मार पिटाई तक हुई। तब से अब तक आरोपी को फांसी की सजा दिलाये जाने को लेकर विभिन्न संगठन धरना प्रदर्शन कर रहे है। इसको शांत करने के लिए एक मई को नगर पालिका ने आरोपी के घर को खाली कराने के लिए तीन दिन का समय देते हुए नोटिस उसके घर पर चस्पा कर दिया। इस आदेश को उसकी पत्नी ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...