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असम राइफल्स के डीजी ने नागालैंड दौरे के दौरान 105 वर्षीय हवलदार मेरिंग एओ से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना

लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, महानिदेशक, असम राइफल्स ने क्षेत्र में सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए 20 मई 2025 को मोकोकचुंग, नागालैंड में असम राइफल्स बटालियन का दौरा किया। इसके बाद, जनरल ऑफिसर 105 वर्षीय एआर दिग्गज हवलदार मेरिंग एओ, एससी (सेवानिवृत्त) से मिलने उनके गांव सुंगरात्सु गये और वहां जाकर उनका हालचाल जाना। वह असम राइफल्स के सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित दिग्गजों में से एक हैं।

हवलदार मेरिंग एओ का जन्म 15 नवंबर 1920 को हुआ। वह तीसरी बटालियन असम राइफल्स के एक प्रतिष्ठित दिग्गज हैं और बल के इतिहास में सबसे उम्रदराज वीरता पुरस्कार विजेता हैं। उनकी उम्र इस समय 105 साल की है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की लड़ाई के अलावा कोहिमा और बर्मा की ऐतिहासिक लड़ाइयों में भाग लिया था।

उन्होंने 1960 में नागालैंड में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान, एक विद्रोही को मार गिराया और दो अन्य को घायल करके असाधारण बहादुरी का परिचय दिया था। वीरता के इस कार्य के लिए उन्हें 21 अप्रैल 1960 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा अशोक चक्र श्रेणी III (जिसे बाद में शौर्य चक्र नाम दिया गया) से सम्मानित किया गया।

जनरल ऑफिसर ने हवलदार मेरिंग एओ के अनुभवी, महान सेवा और राष्ट्र के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हुए प्रशंसा पत्र प्रदान किया। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और मेरिंग एओ के बीच हुई बातचीत एक बहुत ही मार्मिक क्षण था जिसने असम राइफल्स के अपने नायकों का सम्मान करने और उनकी विरासत को संरक्षित करने के लोकाचार को उजागर किया है।

हवलदार मेरिंग एओ असम राइफल्स के एक प्रतिष्ठित वयोवृद्ध हैं और उन्हें असम राइफल्स के इतिहास में सबसे बुजुर्ग वीरता पुरस्कार विजेता के रूप में सम्मानित किया गया है। वे असम राइफल्स की तीसरी बटालियन में सेवारत थे और द्वितीय विश्व युद्ध के वयोवृद्ध हैं, उन्होंने कोहिमा और बर्मा जैसी महत्वपूर्ण लड़ाइयों में भाग लिया था।

हवलदार मेरिंग एओ 105 वर्ष की आयु में नागालैंड के मोकोकचुंग जिले के सुंगरात्सु गांव में रहते हैं। उनके योगदान को देखते हुए जनरल पीसी नायर पूर्व डीजी एआर ने भी 2023 में उनसे मुलाकात की थी और असम राइफल्स भी उनके और उनके परिवार के हालचाल जानने के लिए लगातार उनसे संपर्क में रहता है।

हवलदार मेरिंग एओ का जीवन और सेवा कई लोगों को प्रेरित करती है, जो असम राइफल्स की स्थायी भावना और समर्पण का प्रतीक है।

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Hill Mail

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