Home उत्तर प्रदेश यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में बन रही है उत्तर भारत की सबसे बड़ी फिल्म सिटी
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यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में बन रही है उत्तर भारत की सबसे बड़ी फिल्म सिटी

यमुना प्राधिकरण (यीडा) के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में फिल्म निर्माता और फिल्म सिटी के निर्माण की जिम्मेदारी हासिल करने वाले बोनी कपूर ने अपनी कंपनी की ओर से पूरी परियोजना से संबंधित लेआउट प्लान को सबमिट किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ के निर्माण की राह अब बिल्कुल साफ हो गई है। निर्माता बोनी कपूर की कंपनी बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी ने फिल्म सिटी का लेआउट प्लान यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) को सौंप दिया। अब यीडा इस प्लान की समीक्षा करेगा और जरूरी अनुमोदन के बाद निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में विकसित की जा रही है। पहले चरण में 230 एकड़ भूमि पर काम शुरू होगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹1510 करोड़ है।

तेजी से हो रही कार्यवाही

यमुना प्राधिकरण (यीडा) के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में फिल्म निर्माता और फिल्म सिटी के निर्माण की जिम्मेदारी हासिल करने वाले बोनी कपूर ने अपनी कंपनी की ओर से पूरी परियोजना से संबंधित लेआउट प्लान को सबमिट किया है। अब प्राधिकरण इस पूरे लेआउट प्लान का अवलोकन और परीक्षण करेगा, जिसके बाद उन्हें कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमोदन प्रदान किया जाएगा। सीईओ अरुण वीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य पूरी तरह समझौते के अनुसार ही होगा, कोई बदलाव बिना मंजूरी के स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पार्किंग, लैंडस्केपिंग और बागवानी जैसी मंजूरियों के लिए अलग से एनओसी लेनी होगी।

27 जून को हो चुका है कंसेशन एग्रीमेंट

उन्होंने बताया कि सर्वाधिक 18 प्रतिशत ग्रॉस रेवेन्यू शेयर का प्रस्ताव देकर हाईएस्ट बिडर के रूप में चयनित बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी को लेटर ऑफ अवार्ड विगत वर्ष ही जारी किया जा चुका है। 27 जून 2024 को यीडा और कंसेशनायर प्रतिनिधि बोनी कपूर के बीच कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं, जिसके अनुरूप, 27 फरवरी 2025 को साइट का राइट ऑफ वे कंसेशनायर को हस्तांतरित कर दिया गया है। इस परियोजना के तहत फिल्म सिटी का मास्टर प्लान 30 जनवरी 2025 को अनुमोदित किया गया।

तीन चरणों में होगा निर्माण कार्य

परियोजना का निर्माण तीन चरणों में अगले आठ वर्षों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 230 एकड़ में निर्माण कार्य होगा, जबकि भविष्य में शेष 770 एकड़ भूमि पर फेज-2 और फेज-3 के अंतर्गत विस्तार किया जाएगा। पहले 155 एकड़ में फिल्म स्टूडियो, साउंड स्टेज, पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट और फिल्म इंस्टीट्यूट जैसे मुख्य ढांचे तैयार होंगे। इसके अलावा, 75 एकड़ में रिटेल, ऑफिस और मनोरंजन कॉम्प्लेक्स वाला व्यवसायिक केंद्र बनाया जाएगा, लेकिन इसकी शुरुआत तभी होगी जब फिल्म से जुड़ा ढांचा पूरा हो जाएगा। बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी के जीएम राजीव अरोड़ा ने बताया कि सभी जरूरी मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसी फिल्म सिटी बनाएंगे, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करेगी।’

5 लाख रोजगार के अवसर होंगे सृजित

परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाएगा। सेक्टर 21 में प्रस्तावित इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके जरिये न केवल रोजगार सृजन और निवेश आकर्षण होगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार भी बढ़ेगा। फिल्म प्रेमियों और युवाओं के लिए यह प्रोजेक्ट सिर्फ रोजगार का जरिया नहीं, बल्कि सपनों को पंख देने वाला प्लेटफॉर्म साबित होगा। यह प्रोजेक्ट करीब 5 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा करेगा और यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा।

क्या-क्या बनेगा फिल्म सिटी में?

▪️ 10,000 सीटों वाला भव्य कन्वेंशन सेंटर, जहां बड़े फिल्म समारोह और कार्यक्रम होंगे
▪️ भारतीय सिनेमा पर आधारित म्यूजियम
▪️ खास फिल्म फेस्टिवल क्षेत्र, जिसमें गेस्ट हाउस और ऑडिटोरियम होंगे
▪️ कलाकारों के लिए अलग से आवास व्यवस्था
▪️ भारत की अलग-अलग वास्तुकला शैलियों वाले छोटे स्टूडियो यूनिट, जो शूटिंग या ठहरने के लिए किराए पर लिए जा सकेंगे
▪️ बड़े साउंड स्टेज और अंडरवाटर शूटिंग स्टूडियो

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Hill Mail

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