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पंचूर के योगी का राजपथ

यूपी से बाहर 35 सीटों पर प्रचार किया, 25 भाजपा की झोली में आईं

हिल-मेल ब्यूरो, लखनऊ

अब इस बात में कोई संदेह नहीं रह गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद भाजपा के दूसरी पीढ़ी के नेताओं में लोकप्रियता के पैमाने पर योगी आदित्यनाथ सबसे आगे नजर आते हैं। भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए को दूसरी पारी के लिए मिले ऐतिहासिक जनादेश में पहाड़ के बेटे और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी तरह से योगदान दिया। जहां योगी की अगुवाई में यूपी में भाजपा ने सपा-बसपा के जातीय गठजोड़ को निष्क्रिय कर सफलता की कहानी एक बार फिर दोहराई, वहीं योगी का करिश्मा देश के दूसरे हिस्सों में भी दिखा। योगी ने 9 राज्यों में 30 संसदीय क्षेत्रों में जाकर प्रचार किया। भाजपा इनमें से 23 सीटें जीतने में कामयाब रही।

भाजपा के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ ने अपनी संभाओं में राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दे पर जनता से सीधा संवाद किया। योगी के नाम व काम के चलते उन्हें सुनने के लिए सभाओं में भारी भीड़ उमड़ी। पश्चिम बंगाल में योगी आदित्यनाथ दो बार दौरा किया और वहां मुस्लिम तुष्टीकरण को लेकर तृणमूल कांग्रेस को घेरा। मुख्यमंत्री योगी उत्तर प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में गए। जिसमें से 64 में एनडीए को जीत मिली आखिरी चरण में दिनभर प्रचार के बाद उन्होंने अपना केंद्र बनारस और गोरखपुर को बनाए रखा उसका असर पूर्वांचल की सभी सीटों पर दिखाई पड़ा।

गोरखपुर में उपचुनाव में हार के बाद जीत का इतना बड़ा अंतर इसका नतीजा है। पश्चिम बंगाल में जिस पुरुलिया जिले से उन्होंने प्रचार की शुरुआत की वहां भाजपा को बंपर जीत मिली। अन्य राज्यों में की गई 35 सभाओं में से 25 पर भाजपा को जीत मिली। कह सकते हैं कि भाजपा की इस बड़ी जीत में योगी का फैक्टर भी नरेंद्र मोदी के बाद सबसे ज्यादा काम आया। योगी ने पहली चुनावी रैली पुरुलिया पश्चिम बंगाल जाकर की।

सीएम 28 अप्रैल को बिहार के पश्चिमी चंपारण, मोतिहारी, मधुबनी, छपरा सीटों पर जाकर जनसभा की। योगी आदित्यनाथ जब पश्चिम बंगाल गए तो वहां उन्होंने ममता बनर्जी के गढ़ बहरामपुर, काल्ना और श्रीरामपुर में कहा कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने बांग्लादेशियों को वापस भेजने की व्यवस्था सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। यह सरकार दुर्गा पूजा को रोकने का प्रयास करती है। यह कौन सी धर्म निरपेक्षता है, जहां पर लोगों को उनकी आस्था से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इन सीटों पर हुईं योगी की सभाएं

योगी ने पश्चिम बंगाल की पुरुलिया, बोनगांव, बहरामपुर ,बारासात, कोलकाता उत्तरी, कोलकाता दक्षिण, गुजरात के गांधीनगर उत्तराखंड के रुड़की, काशीपुर, असम, ओडिशा के भुवनेश्वर, आंध्र प्रदेश के श्रीकालहस, पेद्दापल् येल्लारेड्डजीत, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, जांजगीर चंपा, नवापारा बिहार के पश्चिमी चंपारण, मोतिहारी, मधुबनी, छपरा, पटना,राजस्थान के श्रीगंगानगर, नागौर, पावटा, अलवर, मध्य प्रदेश के विकासपुरी व मंडावल मुरैना व शिवपुरी में चुनावी सभाएं कीं। इनमें से भाजपा ने 23 सीटों पर जीत हासिल की।

सोशल मीडिया पर भी पॉपुलर

लोकसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने 163 रैलियां कीं जिनमें से 35उत्तर प्रदेश के बाहर देश के अन्य राज्यों में हुईं। योगी देश के ज्यादातर राज्यों में गए। उनकी सभाओं में भारी भीड़ जुटी और इस भीड़ का एक बड़ा हिस्सा उनसे सोशल मीडिया पर भी सीधे जुड़ता रहा। एक महीने के दौरान उनसे ट्विटर पर तीन लाख और फेसबुक पर डेढ़ लाख नए फालोअर जुड़ गए हैं। ट्विटर पर टॉप लीडर्स में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बाद सबसे ज्यादा सक्रिय नेताओं में योगी आदित्यनाथ का नाम है। तीन साल पहले (20 मई 2016 को) ट्विटर एकाउंट की शुरुआत से लेकर पांच जून तक उन्होंने 42 लाखफालोअर पा लिए हैं। रोज 10 से 15 हजार नए फालोअर जुड़ रहे हैं। फेसबुक पर भी रोज 5 से 6 हजार फालोअर्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री के फेसबुक एकाउंट पर 57.45 लाख फालोअर हो चुके हैं।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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