– देवभूमि के परिणामों ने साफ कर दिया कि इस सैनिक बहुल प्रदेश के मतदाताओं ने पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई को सिर माथे पर लिया।राष्ट्रवाद की भावना ने मोदी लहर रफ्तार देने में मदद की। ए एस बिष्ट, नई दिल्ली इस बार
– देवभूमि के परिणामों ने साफ कर दिया कि इस सैनिक बहुल प्रदेश के मतदाताओं ने पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई को सिर माथे पर लिया।राष्ट्रवाद की भावना ने मोदी लहर रफ्तार देने में मदद की।
ए एस बिष्ट, नई दिल्ली
इस बार के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड ने एक इतिहास रचा। परिणाम भले से साल 2014 की तरह रहा लेकिन भाजपा के वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी अप्रत्याशित है। निसंदेह भाजपा चुनाव से पहले ही अच्छी स्थिति में थी और उत्तराखंडियों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर झुकाव इस ओर इशारा भी कर रहा था, लेकिन भाजपा को पांचों संसदीय सीटों पर इतनी प्रचंड जीत हासिल होगी, इसका अंदाजा शायद ही किसी ने लगाया होगा। उत्तराखंड के परिणामों ने साफ कर दिया कि इस सैनिक बहुल प्रदेश के मतदाताओं ने पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई को सिर माथे पर लिया। प्रधानमंत्री मोदी की जनसभाओं के अलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज केंद्रीय नेताओं की रैलियों, स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ के प्रचार और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व ने चौंकाने वाले परिणाम दिए।
प्रदेश में पांचों सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच रहा। कांग्रेस के दिग्गजों पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा के सभी दिग्गजों प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा और तीरथ सिंह रावत के खाते में शानदार जीत आई। इस बार भाजपा की जीत 2014 के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ी रही।
भाजपा का मत प्रतिशत वर्ष 2014 के मुकाबले करीब छह फीसद बढ़ा जबकि कांग्रेस का मत करीब चार फीसद घटा है। देवभूमि में पुलवामा हमले के बाद हुई एयर स्ट्राइक से राष्ट्रवाद का मुद्दा तेजी से उभरा और मोदी लहर को और तेज कर दिया।
वर्ष 2014 के चुनाव में यहां भाजपा को 55.93 फीसद तो कांग्रेस को 35.25 फीसद मत हासिल हुए थे। तीरथ सिंह रावत मत प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक 39 फीसद मतों के अंतर से जीते हैं। जबकि डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक करीब 20 फीसद मतों के अंतर से जीते हैं। पहले माना जा रहा था कि अगर सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार दलित-ओबीसी-अल्पसंख्यक वोट को अपनी ओर खींचने में कामयाब हुआ तो भाजपा और कांग्रेस दोनों का गणित गड़बड़ा सकता है लेकिन उसने सिर्फ कांग्रेस का ही गणित बिगाड़ कर रख दिया। बसपा को हरिद्वार में 13.32 फीसद वोट हासिल हुए हैं। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय सीट पर वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी को 57.67 प्रतिशत, कांग्रेस को 31.96 प्रतिशत वोट मिले थे। इस सीट पर पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने कांग्रेस के केसी सिंह बाबा को 25.85 फीसद वोटों के अंतर से हराया था। इस बार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के मुकाबले कांग्रेसी दिग्गज सीएम हरीश रावत को करीब 34 फीसद वोटों से हराया है। गढ़वाल सीट में मुख्य मुकाबला भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत व पूर्व मुख्यमंत्री सेनि. मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के बेटे कांग्रेस के उम्मीदवार मनीष खंडूड़ी के बीच था। यहां तीरथ ने मनीष को करीब 39 फीसद वोट के अंतर से हराया है।
टिहरी माला राज्य लक्ष्मी शाह और प्रीतम सिंह के बीच था। यहां माला राज्य लक्ष्मी ने प्रीतम सिंह को करीब 34 फीसद वोट से मात दी है। अल्मोड़ा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा व कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा के बीच रहा और अजय टम्टा ने प्रदीप टम्टा को करीब 32 फीसद वोट से शिकस्त दी।
हर सीट पर बना रिकॉर्ड
गढ़वाल – तीरथ सिंह की ऐतिहासिक जीत
गढ़वाल लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। अब तक के इतिहास में यहां से इतने अधिक मतों से कोई भी प्रत्याशी विजयी होकर संसद नहीं पहुंचा था। तीरथ सिंह रावत 4,87,613 मत प्राप्त कर रिकार्ड मतों से विजयी रहे। उन्होंने कांग्रेस के मनीष खंडूड़ी को 2.85 लाख मतों से पराजित किया। मनीष खंडूड़ी को 2,02,610 मत मिले। गढ़वाल लोकसभा सीट पर नौ प्रत्याशी मैदान में थे। कांग्रेस के मनीष को छोड़ अन्य कोई भी विपक्षी प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा पाया।
नैनीताल- दिग्गज हरीश रावत को अजय भट्ट की पटखनी
नैनीताल-ऊधमसिंहनगर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत को 3,37,149 मतों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। हालांकि कांग्रेस दावा कर रही थी कि वह यहां सबसे अच्छी स्थिति में है। भाजपा प्रत्याशी को 7,65,173 मत तो कांग्रेस प्रत्याशी को 4,31,101 मत मिले। बसपा के नवनीत अग्रवाल को 28,455 वोटही मिले। बहुजन मुक्ति मोर्चा के ज्योति प्रकाश टम्टा को 205, निर्दलीय प्रेमप्रकाश आर्य को 1964 और कॉमरेड डा. कैलाश पांडेय को 3035 तो नोटा के हिस्से में 5954 मत आए।
टिहरी – कायम रहा राजमहल का जलवा
टिहरी लोकसभा सीट पर निवर्तमान सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने जीत की हैट्रिक लगाई है। उनको 5,65,333 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को 2,64,747 वोट मिले। अब तक इस सीट पर लोकसभा के लिए दो उपचुनाव सहित 18 बार चुनाव हुए हैं। जिसमें नौ बार कांग्रेस तो सात बार भाजपा को जीत मिली। एक बार निर्दलीय तो एक बार अन्य दल को जीत हासिल हुई। महारानी ने आठवीं बार भाजपा को इस सीट से जीत दिलाने के साथ जता दिया कि टिहरी रियासत के प्रति जनता में गहरा सम्मान है। टिहरी सीट पर 16 प्रत्याशी मैदान में थे। टिहरी संसदीय सीट की बाजी देहरादून जिले के वोटरों के हाथ में रही। देहरादून के वोटरों का रुझान मोदी की ओर होने के कारण भाजपा का पलड़ा भारी रहा।
अल्मोड़ा – अजय टम्टा ने फिर लिखी जीत की इबारत
चार जिलों अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वरऔर चंपावत में फैली अल्मोड़ा लोकसभा सीट से लगातर दूसरी बार भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को 2,21,154 मतों से हराया। अजय ने 63.51 फीसद वोट हासिल किए ओर प्रदीप को 30.94 फीसद वोट मिले हैं। आश्चर्यजनक रूप से नोटा तीसरे नंबर पर रहा। इस बार के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने सभी 14 विस सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी ने 4,31,277 वोट हासिल किए। अल्मोड़ा संसदीय इतिहास में इतनी प्रचंड जीत पहली बार देखने को मिली। प्रदीप टम्टा को 2,10,123 वोट मिले। तीसरे स्थान पर आए नोटा को 15,351 वोट मिले। बसपा को 10,074 वोट ही हासिल हुए।
हरिद्वार – ढाई लाख मतों से जीते निशंक
इस लोकसभा में हरिद्वार जिले की 11 और देहरादून जिले की तीन विधानसभा सीटें आती हैं। भाजपा प्रत्याशी डा. रमेश पोखरियाल निशंक को 6,61,050 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी अंबरीश कुमार को 4,06,264 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी डा. अंतरिक्ष सैनी 1,73,169 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। चौथे स्थान पर उक्रांद डी के प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत को 3539 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी ठा. मनीष सिंह वर्मा 2910 वोट लेकर पांचवें व निर्दलीय प्रत्याशी शिशुपाल सिंह 2549 वोट लेकर छठे स्थान पर रहे। 6207 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग किया।







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