मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए शुरू की गई निःशुल्क बस यात्रा योजना ने उत्तर प्रदेश में नया कीर्तिमान बनाया है। इस बार, 8 अगस्त को 19.5 लाख और 9 अगस्त को 31.7 लाख यात्रियों ने बसों में सफर किया। वहीं 10 अगस्त को दोपहर 12:50 बजे तक ही 13 लाख यात्री सफर कर चुके थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए शुरू की गई निःशुल्क बस यात्रा योजना ने उत्तर प्रदेश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। योजना के पहले दो दिनों में ही 50 लाख से अधिक यात्रियों ने परिवहन निगम की बसों में सफर किया, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं रहीं। अनुमान है कि तीन दिनों में यह संख्या 75 लाख से अधिक पहुंच सकती है, जो राज्य परिवहन निगम के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
तीन दिनों में 75 लाख यात्रियों की यात्रा का अनुमान
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने बताया कि सामान्य दिनों में निगम की बसों में प्रतिदिन औसतन 14–15 लाख यात्री यात्रा करते हैं। लेकिन इस बार, 8 अगस्त को 19.5 लाख और 9 अगस्त को 31.7 लाख यात्रियों ने बसों में सफर किया। वहीं 10 अगस्त को दोपहर 12:50 बजे तक ही 13 लाख यात्री सफर कर चुके थे, और दिन के अंत तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
इन आंकड़ों के अनुसार, रक्षाबंधन के अवसर पर 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त मध्यरात्रि 12 बजे तक 75 लाख से अधिक लोगों ने यात्रा की। इनमें से 70 प्रतिशत तक महिला यात्री थीं, जिन्होंने इस विशेष योजना का लाभ उठाया।
हर जिले में अतिरिक्त बसें और कर्मचारी तैनात
मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन निगम ने इस योजना के लिए व्यापक तैयारी की थी। सभी श्रेणी की रोडवेज बसों में महिलाओं और एक सहयात्री के लिए 66 घंटे की निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की गई।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए राज्य के प्रमुख बस स्टेशनों जैसे लखनऊ, कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, इटावा और मुरादाबाद पर अतिरिक्त बसों का संचालन, विशेष ड्यूटी, और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई।
ड्राइवर और तकनीकी स्टाफ को प्रोत्साहन राशि
- सफल संचालन के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की योजना भी लागू की गई।
- चालक-परिचालकों को 1800 किमी संचालन पर ₹1200 और लगातार 6 दिन कार्य पर ₹0.55 प्रति किमी अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।
- तकनीकी कर्मचारियों को प्रत्येक दिन उपस्थित रहने पर ₹500, जबकि संचालन बेहतर बनाए रखने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों को प्रति स्टेशन ₹5000 तक का पुरस्कार दिया जाएगा।
यह सिर्फ यात्रा नहीं, सम्मान है
इस योजना का लाभ लेने वाली लाखों महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा। झांसी से यात्रा कर रही संध्या ने कहा, ‘योगी सरकार का यह कदम बहुत सराहनीय है। इससे महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक सफर का भरोसा मिला है।’
महिलाओं ने इसे सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बताया, जिससे रक्षाबंधन जैसे भावनात्मक पर्व की खुशियां और बढ़ गईं।
आठ वर्षों में 1.23 करोड़ बहनों ने किया निःशुल्क सफर
योगी सरकार ने 2017 में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा देना शुरू किया था। तब से अब तक 1,23,30,194 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है, जिस पर सरकार ने ₹101.42 करोड़ खर्च किए हैं।
2023 में सर्वाधिक 29 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत सफर किया। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण, पिछड़े और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई है।
नारी सशक्तिकरण को जमीन पर उतारने की पहल
रक्षाबंधन को भावनात्मक और पारिवारिक जुड़ाव का पर्व मानते हुए योगी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला कल्याण केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि नीतियों को धरातल पर उतारना ही असली सशक्तिकरण है।








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