हर्षिल-धराली पुनर्निर्माण की कमान संभालेंगे कर्नल अजय कोठियाल

हर्षिल-धराली पुनर्निर्माण की कमान संभालेंगे कर्नल अजय कोठियाल

उत्तराखंड एक बार फिर संकट की घड़ी से गुज़र रहा है, और ऐसे समय में जब प्रदेश को एक अनुभवी, ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर कर्नल अजय कोठियाल पर भरोसा जताया है। जिस तरह उन्होंने केदारनाथ आपदा के बाद वहां का पुनर्निर्माण कार्य किया था और उसे एक नई पहचान दी थी, अब वही भूमिका उन्हें हर्षिल-धराली क्षेत्र के लिए सौंपी गई है।

केदारनाथ के पुनर्निर्माण के बाद अब एक और बड़ी जिम्मेदारी

 

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के एक और आपदा प्रभावित क्षेत्र को फिर से जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) को हर्षिल-धराली क्षेत्र के पुनर्निर्माण कार्यों का प्रभारी नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आशय की घोषणा की, जिसमें कर्नल अजय कोठियाल को अपना आधिकारिक प्रतिनिधि बनाकर क्षेत्र के सर्वांगीण पुनर्निर्माण की ज़िम्मेदारी सौंपी गई।

आपदा ने ली कई जानें, गांव हुए तबाह

हाल ही में हुई भारी बारिश और भूस्खलन से उत्तरकाशी ज़िले के धराली और हर्षिल क्षेत्र में व्यापक तबाही मची। कई सड़क मार्ग ध्वस्त हो गए, पुल बह गए और धराली और हर्षिल में काफी नुकसान हुआ है। दर्जनों लोग लापता हैं और गंगोत्री यात्रा मार्ग भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। क्षेत्र में एक अस्थायी झील का निर्माण भी हुआ है, जो निकटवर्ती गांवों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।

कोठियाल शुरू करेंगे जमीनी सर्वेक्षण

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि वह धराली से भटवारी तक की पैदल यात्रा करेंगे। उनका मानना है कि ‘किसी भी पुनर्निर्माण योजना की शुरुआत ज़मीन से होनी चाहिए, न कि सिर्फ कागज़ों से।’

सरकार द्वारा कर्नल कोठियाल को सौंपे गए कार्यों में निम्नलिखित प्राथमिकताएं शामिल हैं:

  • लापता लोगों की तलाश और राहत कार्यों का समन्वय
  • गंगोत्री यात्रा को फिर से सुरक्षित रूप से आरंभ करना
  • सीमावर्ती मार्गों की मरम्मत और पुनः संचालन
  • स्थानीय जनता का पुनर्वास और आजीविका पुनःस्थापना
  • अस्थायी झील की निकासी और मलबा प्रबंधन
  • दीर्घकालिक आधारभूत ढांचा पुनर्निर्माण योजना

कर्नल कोठियाल इससे पहले भी 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद वहां के पुनर्निर्माण कार्यों में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के माध्यम से अहम भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने मंदिर परिसर, पैदल यात्रा मार्ग और स्थानीय पुनर्वास कार्यों को नई दिशा दी थी, जिसे पूरे देश में सराहा गया।

सरकार के साथ विस्तृत योजना पर होगा मंथन

कर्नल कोठियाल ने बताया कि ‘रिकी (recce) पूरी होने के बाद, सरकार के साथ एक विस्तृत पुनर्निर्माण योजना तैयार कर उस पर मंथन किया जाएगा। इस योजना में पर्यटन, पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा।’

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