राजीव महर्षि ने कहा कि नैनीताल में जिस तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अपहृत किया गया और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जबरन अगवा कर सत्ता की ताकत से निर्णय थोपा गया, वह प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास पर काला धब्बा है।
उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या, सत्ता के दुरुपयोग और जनमत के अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य मीडिया समन्वयक एवं मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने हाल ही में हुए जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्तालोलुपता और अलोकतांत्रिक रवैये ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव अवश्यंभावी है, और इसकी इबारत भाजपा ने खुद अपने हाथों से लिख दी है।
‘लोकतंत्र का अपहरण’ और ‘गन कल्चर’ के आरोप
राजीव महर्षि ने कहा कि नैनीताल में जिस तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अपहृत किया गया और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जबरन अगवा कर सत्ता की ताकत से निर्णय थोपा गया, वह प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास पर काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि ‘नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के साथ जिस तरह का अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार किया गया, वह अक्षम्य है। यह न केवल राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि उत्तराखंड की लोकतांत्रिक चेतना पर भी गहरा प्रहार है।’
महर्षि ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय प्रदेश में ‘गन कल्चर’ की शुरुआत की है, जो अब तक यहां की राजनीति से कोसों दूर था। उन्होंने विशेष रूप से बेतालघाट प्रकरण का उल्लेख किया, जहां कथित रूप से पंचायत चुनाव में हिंसा, भय और गोलियों का सहारा लिया गया।

देहरादून जिला पंचायत चुनाव में भाजपा की ‘नाकामी’
कांग्रेस नेता ने कहा कि देहरादून के जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा ने हर संभव प्रशासनिक और राजनीतिक हथकंडा अपनाया, लेकिन फिर भी उसे जनता के गुस्से और अपनी कार्यशैली की वजह से पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सत्तामद और अहंकार को करारा झटका लगा है।
‘जनता ने पढ़ ली है दीवार पर लिखी इबारत’
राजीव महर्षि ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता अब भाजपा की असलियत को पहचान चुकी है। उन्होंने कहा, ‘प्रदेश की जनता ने भाजपा के लोकतंत्र विरोधी चेहरे को देख लिया है। सत्ता की भूख में अंधे होकर उन्होंने जनमत का अपहरण किया, और अब खुद अपनी हार की पटकथा लिख दी है।’
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा इसे अपनी ‘उपलब्धि’ समझ रही है, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। प्रदेश की जनता इसका जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में देगी।
प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग
महर्षि ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने पंचायत चुनाव में प्रशासनिक तंत्र का खुला दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हुए हैं, और भाजपा ने लोकतंत्र की जड़ों को हिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
भाजपा की गिरती साख और कांग्रेस का विश्वास
महर्षि ने अपने बयान में यह भी कहा कि भाजपा अब जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की हवा चल रही है, जो आने वाले समय में अंधड़ का रूप लेगी। कांग्रेस इस माहौल को मजबूती से जनता के पक्ष में खड़ा करेगी और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
भाजपा के खिलाफ जन असंतोष की बुनियाद तैयार
राजीव महर्षि का बयान दरअसल उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के उस आत्मविश्वास को दर्शाता है जो हालिया चुनावी घटनाक्रम के बाद उभर कर सामने आया है। उनका दावा है कि भाजपा की चालों और ताकत के दुरुपयोग ने ही 2027 के लिए जनता में असंतोष की नींव डाल दी है, और अब बदलाव एक अनिवार्य सत्य बन चुका है।








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