मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक नागरिक अभिनंदन समारोह में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नाम पर एक नई स्कॉलरशिप की घोषणा की। यह स्कॉलरशिप प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहे छात्रों को दी जाएगी।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हाल ही में एक सफल अंतरिक्ष मिशन पूरा कर देश लौटे हैं। वह चार दशक बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय हैं और लखनऊ के निवासी हैं। सफल मिशन के बाद यह उनका लखनऊ का पहला दौरा है।
पूरे परिवार को किया गया सम्मानित
लोक भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य और लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने ग्रुप कैप्टन की माता आशा शुक्ला, पिता शंभु दयाल शुक्ला और पत्नी कामना शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रुप कैप्टन को सम्मानित किया।

इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा ग्रुप कैप्टन की अंतरिक्ष यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई।
स्पेस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहा है प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्पेस टेक्नोलॉजी से संबंधित कोई कोर्स नहीं था, लेकिन अब दर्जनों तकनीकी संस्थानों में यह पढ़ाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का अनुभव राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और रिमोट सेंसिंग तकनीक पर कार्य कर रही है। उनका मानना है कि स्पेस टेक्नोलॉजी के माध्यम से बाढ़, सूखा और जलवायु परिवर्तन जैसी आपदाओं से बेहतर तरीके से निपटा जा सकता है।

स्पेस में जीवन सस्टेन करना मानव इंजीनियरिंग का कमाल
कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में बिताए 18 दिनों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पेस में माइक्रोग्रेविटी के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। उन्होंने बताया कि ‘ब्लड सिर में जमा हो जाता है, हार्ट की स्पीड कम हो जाती है और भूख नहीं लगती।’
उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करेगा और दुनिया का चौथा ऐसा देश बनेगा जिसके पास यह क्षमता होगी।
लखनऊ में दिल्ली से दोगुना सम्मान मिला
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि लखनऊ में जिस तरह से उनका स्वागत हुआ, वह दिल्ली से भी अधिक भावुक करने वाला था। उन्होंने कहा ‘यहां के लोगों ने मुझे दिल से सम्मान दिया। आज ही 2000 से ज्यादा सेल्फी ली गईं’।
युवाओं को दिया संदेश
उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, ‘2040 तक आप में से कोई न कोई चांद पर जरूर जाएगा, और उस रेस में मैं भी आपके साथ रहूंगा।’








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