गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आगामी 10 से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होने वाले 118वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। इस संदर्भ में विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने की।
राज्यपाल करेंगे उद्घाटन
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि किसान मेले का उद्घाटन उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा किया जाएगा। इस भव्य अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह गांधी हाल में आयोजित किया जाएगा, जिसके पश्चात विशिष्ट अतिथि मेला प्रांगण का भ्रमण करेंगे और किसानों को संबोधित भी करेंगे।
प्रेस वार्ता में मीडिया का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक संचार डॉ. जे.पी. जायसवाल ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत किया और किसान मेले को सफल बनाने में मीडिया के सहयोग की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मीडिया की भूमिका इस मेले की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने में सहायक होगी।
नवाचार, स्टार्टअप, स्मार्ट कृषि
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि इस बार का किसान मेला आधुनिक तकनीकी और नवाचारों पर केंद्रित होगा। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए स्मार्ट एवं डिजिटल कृषि, स्टार्टअप मॉडल और नवाचारों की विशेष प्रदर्शनी मेले का मुख्य आकर्षण होगी। इससे युवाओं को उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में प्रोत्साहन मिलेगा।
‘मशरूम चाय’ और ‘श्रीअन्न’ बनेंगे आकर्षण
मेले में इस बार एक अनोखा प्रयोग भी देखने को मिलेगा — ‘मशरूम चाय’। यह एक नया नवाचार है जो स्वास्थ्य और व्यवसायिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही श्रीअन्न (मिलेट्स) से बने विभिन्न उत्पादों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जो पोषण सुरक्षा और जलवायु-संवेदनशील खेती के लिए अहम माने जाते हैं।
कृषि यंत्र, नई फसलें और पशुपालन तकनीक की प्रदर्शनी
मेले में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई फसल किस्में, कृषि यंत्र, पशुपालन उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री भी प्रदर्शित की जाएंगी। ये सभी तकनीकें किसानों को अधिक उत्पादन और आय बढ़ाने में सहायक होंगी।
200 से अधिक स्टॉल धारकों ने कराया पंजीकरण
संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि इस बार मेले में 200 से अधिक बड़े स्टॉल धारकों ने पंजीकरण कराया है। इसके अतिरिक्त, अनेक लघु और मध्यम उद्यम भी भाग ले रहे हैं। मेले में कृषि यंत्र, बीज, उर्वरक, औषधीय पौधे, हस्तकला, सौर ऊर्जा उपकरण और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शनी होगी।
बैंक, सरकारी विभाग और शोध संस्थानों की भागीदारी
डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि कई बैंक, सरकारी विभाग, और शोध संस्थान भी मेले में भाग लेंगे। वे किसानों को सरकारी योजनाओं, क्रेडिट योजनाओं, और तकनीकी उपलब्धियों की जानकारी देंगे। इस प्रकार यह मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक ज्ञान का मंच भी बनेगा।
प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. संजय चौधरी ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया और आशा व्यक्त की कि यह मेला किसानों के लिए सूचना, नवाचार और प्रेरणा का केंद्र सिद्ध होगा।








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