गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय (SAMETI–उत्तराखण्ड) द्वारा संचालित 48 सप्ताह के डिप्लोमा कोर्स ‘डेसी’ का समापन समारोह कृषक भवन एवं प्रशिक्षण केंद्र के सभाकक्ष में आयोजित किया गया।
इस समारोह में 39 कीटनाशी एवं उर्वरक विक्रेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह डिप्लोमा कोर्स मैनेज, हैदराबाद के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किया गया था।
समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि इस कोर्स के उपरांत आप सभी अधिक दक्षता के साथ किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी प्रदान कर सकेंगे। वर्तमान समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग एवं केवल आवश्यकता अनुसार ही कृषि रक्षा रसायनों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘कृषकों और आपके बीच ऐसा समन्वय हो कि वे आप पर पूर्ण विश्वास करते हुए आपके सुझावों के अनुसार ही दवाओं का प्रयोग करें।’
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा ने प्रमाण पत्र प्राप्त सभी कृषि निवेश वितरकों को बधाई देते हुए कहा कि इस कोर्स के पश्चात् आपके दायित्व और बढ़ गए हैं। अब आपको विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकों को किसानों के द्वार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
निदेशक शोध डॉ. एस.के. वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव किसानों और कृषि निवेश वितरकों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उन्नत बीज एवं तकनीकों के हस्तांतरण में सभी की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया।
समेटी के समन्वयक डॉ. बी.डी. सिंह, प्राध्यापक, ने ‘डेसी’ कोर्स की रूपरेखा, शुल्क, अवधि एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक वितरक अपने क्षेत्र के किसानों को उचित मार्गदर्शन देने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कृषि से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशिक्षार्थी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
इस बैच के गोल्ड, सिल्वर एवं कांस्य पदक विजेता क्रमशः तरुण बैरागी (सितारगंज), ऋषभ पाल (बाजपुर) एवं दीपक पाण्डे (शांतिपुरी) रहे।
प्रशिक्षणार्थियों की ओर से राजीव उप्रेती (जनपद चम्पावत) ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस कोर्स के दौरान उन्हें विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकों से संवाद और अध्ययन का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यहां से अर्जित ज्ञान किसानों की सेवा हेतु उन्हें सदैव प्रेरित करता रहेगा।
समारोह के सफल आयोजन में डॉ. संजय चौधरी (प्राध्यापक), डॉ. निर्मला भट्ट (प्राध्यापक), ज्योति कनवाल एवं जगदीश चन्द्र बिष्ट का विशेष योगदान रहा।








Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *