देवभूमि उत्तराखंड के लिए यह गर्व का पल रहा, जब राज्य सरकार ने आठ महान विभूतियों को “उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025” से सम्मानित किया। खेल, साहित्य, पर्यावरण, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान ने राज्य की पहचान को नई ऊँचाइयाँ दीं।
देवभूमि उत्तराखंड के लिए 07 नवंबर 2025 का दिन गर्व और सम्मान का रहा, राज्य सरकार ने उन आठ विभूतियों को “उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025” से नवाजा, जिन्होंने अपने कर्म, समर्पण और उपलब्धियों से राज्य का नाम देश और दुनिया में रोशन किया। यह सम्मान उत्तराखंड का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जो उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर पहाड़ की मिट्टी को नई पहचान दी है।
इस वर्ष जिन हस्तियों को “उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025” से नवाज़ा गया, वे अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के प्रतीक हैं। खेल जगत से जसपाल राणा, विदेश में उत्तराखंड की पहचान मजबूत करने के लिए देव रतूड़ी, पर्यावरण संरक्षण में अतुलनीय कार्य के लिए गौरा देवी (मरणोपरांत), साहस और नारी शक्ति की मिसाल तीलू रौंतेली (मरणोपरांत), साहित्य जगत के स्तंभ शैलेश मटियानी (मरणोपरांत), समाज सेवा में जीवन समर्पित करने वाली सुशीला बलूनी (मरणोपरांत), विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रो. खड़क सिंह वल्दिया (मरणोपरांत) और सिनेमा व कला की दुनिया में अमिट छाप छोड़ने वाले टॉम आल्टर (मरणोपरांत) को यह सम्मान प्रदान किया गया।
इनमें सबसे खास नाम रहा देव रतूड़ी का, जिन्होंने विदेश में रहकर उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने गर्व और भावनाओं से भरा संदेश साझा करते हुए कहा, “यह केवल मेरी उपलब्धि नहीं, बल्कि हर उस उत्तराखंडी के विश्वास और स्नेह का प्रतीक है, जिसने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साधारण परिवेश से निकलकर विदेश में संघर्ष करते हुए उत्तराखंड की संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना मेरा जीवन ध्येय रहा है। यह सम्मान मुझे और अधिक समर्पण के साथ संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा और युवाओं के सशक्तीकरण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

देव रतूड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल उन्हें सम्मानित किया बल्कि विश्वभर में बसे प्रवासी उत्तराखंडियों को एक सूत्र में जोड़कर देवभूमि का गौरव बढ़ाने का प्रयास किया है। रतूड़ी ने कहा कि यह सम्मान हर उस प्रवासी उत्तराखंडी के लिए प्रेरणा है जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए राज्य का नाम रोशन कर रहा है।
“उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025” राज्य सरकार की एक ऐसी पहल है जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों-खेल, पर्यावरण, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक कार्य और कला में असाधारण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करती है। यह पुरस्कार न केवल उनकी उपलब्धियों को सम्मान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता है कि वे भी अपने कार्यों से राज्य और देश का नाम ऊंचा करें।
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