असम राइफल्स, जिसे देश की “सबसे पुरानी अर्धसैनिक बल” कहा जाता है, ने एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाया है। 07 नवंबर 2025 को शिलांग में असम राइफल्स और रुद्रम डायनेमिक्स फाउंडेशन (RDF) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मकसद है- शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और प्रशिक्षण के जरिए असम राइफल्स के कर्मियों को और मज़बूत बनाना।

यह समझौता असम राइफल्स की ओर से मेजर जनरल जय सिंह बैसला, एसएम, अतिरिक्त महानिदेशक, और रुद्रम डायनेमिक्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ। समारोह सादगीपूर्ण लेकिन भावनात्मक रहा, क्योंकि यह केवल कागज़ी समझौता नहीं, बल्कि जवानों के भविष्य से जुड़ी एक बड़ी पहल है।
इस समझौते के तहत, दोनों संस्थान मिलकर ऐसे कार्यक्रम चलाएंगे जो असम राइफल्स के जवानों को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी कौशल, नवाचार और अनुसंधान के अवसर देंगे।

यह साझेदारी जवानों को उनके सेवा अनुभव के अनुसार मान्यता प्राप्त शैक्षणिक योग्यता हासिल करने में भी मदद करेगी, जिससे उन्हें भविष्य में नागरिक क्षेत्र में नए अवसर मिल सकेंगे।
असम राइफल्स के महानिदेशक ने कहा, “यह MoU हमारे कर्मियों के लिए सिर्फ एक प्रशिक्षण समझौता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम है। इससे हमारे जवान न सिर्फ बेहतर सिपाही बनेंगे, बल्कि बेहतर इंसान भी।”
रुद्रम डायनेमिक्स फाउंडेशन, जो शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में काम कर रही एक गैर-लाभकारी संस्था है, इस साझेदारी के ज़रिए सुरक्षा बलों के बीच रिसर्च और तकनीकी सोच को प्रोत्साहन देना चाहती है।
यह पहल निश्चित रूप से असम राइफल्स को एक नए युग में ले जाएगी, जहाँ “सीमा सुरक्षा” के साथ-साथ “ज्ञान सुरक्षा” भी उतनी ही अहम होगी।


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