भारत–यूएई सेनाएं शहरी युद्ध कौशल में कर रहीं ‘डेजर्ट साइक्लोन–II’ अभ्यास

भारत और यूएई की सेनाओं के बीच अल-हमरा में चल रहा ‘डेजर्ट साइक्लोन–II’ अभ्यास शहरी युद्ध प्रशिक्षण पर केंद्रित है। इसमें बिल्डिंग क्लियरेंस, आईईडी अवेयरनेस और संयुक्त आक्रमण अभ्यास शामिल हैं। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और रक्षा सहयोग को मजबूत कर रहा है।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन–II’ अल-हमरा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अभ्यास में भारतीय सेना और यूएई थलसेना के जवान शहरी युद्ध से जुड़े जटिल अभियानों पर गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण ले रहे हैं।

अभ्यास के दौरान सैनिकों को क्लासरूम ट्रेनिंग और फील्ड-आधारित अभ्यास का संतुलित मिश्रण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस शहरी क्षेत्रों में होने वाले सैन्य अभियानों पर है, जिसमें इमारतों की पहचान और क्लियरेंस, आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की पहचान, हताहतों की सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार और संरचित मिशन प्लानिंग जैसे अहम विषय शामिल हैं। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना और साझा ऑपरेटिंग प्रक्रियाएं विकसित करना है।

जैसे-जैसे अभ्यास आगे बढ़ रहा है, सैनिक रूम इंटरवेंशन, बिल्डिंग क्लियरेंस और प्लाटून-स्तरीय संयुक्त आक्रमण अभ्यास कर रहे हैं। दोनों देशों की सेनाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए संयुक्त ड्रिल्स का आदान-प्रदान किया है, जिन्हें दोबारा अभ्यास में लाकर रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं (TTPs) को मानकीकृत किया जा रहा है। इससे वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता मजबूत हो रही है।

अभ्यास के अंतिम चरण में संयुक्त आक्रामक और रक्षात्मक शहरी सैन्य अभियान किए जाएंगे। यह चरण सैनिकों के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और ऑपरेशनल रेडीनेस को और मजबूत करेगा, खासकर सब-कन्वेंशनल खतरों और शहरी संघर्ष की स्थितियों में।

‘डेजर्ट साइक्लोन–II’ भारत–यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास का दूसरा संस्करण है, जो 18 से 30 दिसंबर 2025 तक संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया जा रहा है। भारतीय दल में 45 सैन्यकर्मी शामिल हैं, जो मुख्य रूप से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। वहीं यूएई थलसेना का प्रतिनिधित्व 53 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन कर रही है।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना, रक्षा सहयोग को मजबूत करना और संयुक्त राष्ट्र के अधीन शांति स्थापना, आतंकवाद-रोधी अभियान और स्थिरता अभियानों के लिए तैयारियों को धार देना है। ‘डेजर्ट साइक्लोन–II’ भारत और यूएई के बढ़ते सामरिक साझेदारी का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this