Home ताज़ा ख़बर शोखुवी में असम राइफल्स सैनिकों की पासिंग-आउट परेड
ताज़ा ख़बरअसम राइफल्सफ़ौजशिलांग

शोखुवी में असम राइफल्स सैनिकों की पासिंग-आउट परेड

राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने भर्ती सैनिकों से राष्ट्र की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने उन्हें आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने की भी सलाह दी। उन्होंने भर्ती सैनिकों तथा उनके अभिभावकों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने आज नागालैंड के शोखुवी स्थित असम राइफल्स प्रशिक्षण केंद्र एवं स्कूल के जसराम परेड ग्राउंड में आयोजित भर्ती सैनिकों की अटेस्टेशन परेड की समीक्षा की। इस अवसर पर 350 भर्ती सैनिकों ने अनुशासन, तालमेल और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हुए शानदार मार्च किया।

यह परेड 44 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण की सफलतापूर्वक पूर्णता का प्रतीक है। इस प्रशिक्षण में युद्ध कौशल, हथियार संचालन, फायरिंग तथा काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों में विशेषज्ञता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया।

भर्ती सैनिकों को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने असम राइफल्स के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए इसे देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल बताया। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स के बहादुर जवानों ने उत्तर-पूर्व क्षेत्र के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में भी अपनी वीरता और दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने भर्ती सैनिकों से राष्ट्र की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने उन्हें आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने की भी सलाह दी। उन्होंने भर्ती सैनिकों तथा उनके अभिभावकों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भर्ती सैनिकों को सम्मानित भी किया गया। रिक्रूट (जीडी) ललियानखौल को फायरिंग में सर्वश्रेष्ठ तथा समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ भर्ती घोषित किया गया। रिक्रूट (जीडी) वांगकाई को ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ तथा रिक्रूट (जीडी) वेखोटा लोहे को शारीरिक प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ का पुरस्कार प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात नवप्रशिक्षित राइफलमैन अब अपनी-अपनी इकाइयों में शामिल होकर अग्रिम मोर्चों पर कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और राष्ट्र सेवा के अपने दायित्व को आगे बढ़ाएंगे। यह अवसर न केवल असम राइफल्स बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

अलकनंदा तट पर चला स्वच्छता अभियान, एसएसबी कार्मिकों ने किया श्रमदान

स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत बुधवार, 1 अक्टूबर को केंद्रीयकृत प्रशिक्षण...

NIM के पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन, CM धामी ने दलों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू...

इंजीनियर पिता ने खड़ा किया नौसेना का आधार, बेटे ने संभाली तीन सितारा कमान

भारतीय नौसेना की ताकत केवल समुद्र में तैरते युद्धपोतों, पनडुब्बियों और विमानवाहक...