पंतनगर विश्वविद्यालय में खुला अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हरित निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

पंतनगर विश्वविद्यालय में खुला अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हरित निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

इन 13 वर्षों में हरीश के परिवार ने कभी हार नहीं मानी। हर दिन, हर पल उन्हें यही उम्मीद रही कि शायद कोई चमत्कार हो जाए। शायद हरीश एक दिन आंखें खोलें, कुछ बोलें, वापस लौट आएं।

विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अंतर्गत सिविल इंजीनियरिंग विभाग में ‘सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन मटेरियल्स’ हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विधिवत उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान द्वारा किया गया। यह केंद्र देश की अग्रणी सीमेंट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ रणनीतिक सहयोग के अंतर्गत स्थापित किया गया है।

यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शैक्षणिक अनुसंधान और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्र का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता में सुधार करना तथा कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करने हेतु नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करना है।

अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि यह केंद्र केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि भविष्य के सिविल इंजीनियरों एवं शोधार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक मंच है। उन्होंने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक साझेदार के साथ सहयोग से विश्वविद्यालय में होने वाला अनुसंधान अधिक व्यावहारिक, उपयोगी एवं समाजोपयोगी बनेगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि छात्रों को उद्योगोन्मुखी ज्ञान एवं उत्कृष्ट करियर अवसर भी प्राप्त होंगे।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख उद्देश्यों में हरित निर्माण सामग्री के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन देना शामिल है। इसके अंतर्गत कम कार्बन उत्सर्जन वाली निर्माण सामग्री का विकास, वैकल्पिक ईंधन एवं कच्चे माल के उपयोग को बढ़ावा देना तथा फ्लाई ऐश और स्लैग जैसी औद्योगिक अपशिष्ट सामग्रियों का प्रभावी उपयोग कर मिश्रित सीमेंट के निर्माण एवं परीक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, केंद्र के माध्यम से कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इंजीनियरों, ठेकेदारों, शिक्षकों एवं छात्रों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, इंटर्नशिप, कार्यशालाएं एवं विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीकों एवं टिकाऊ प्रथाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके।

उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां ऐसा वातावरण विकसित किया जाएगा, जिसमें छात्र, शोधार्थी एवं संकाय सदस्य उद्योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर वास्तविक परियोजनाओं एवं चुनौतियों पर कार्य कर सकें। इससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होगी तथा नवाचार को नई दिशा मिलेगी।

प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के केंद्र छात्रों के तकनीकी कौशल को उन्नत करने के साथ-साथ उनकी रोजगार क्षमता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र भविष्य में राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के क्षेत्र में स्थिरता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

इस अवसर पर अल्ट्राटेक सीमेंट के जोनल हेड (टेक्निकल) विपिन चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी देशभर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर रही है, ताकि उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत संबंध स्थापित किए जा सकें। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से बेहतर अवसर प्रदान करने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. सुनील कुमार, डॉ. संजीव सुमन, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. वनीता देवी, डॉ. एस.के. शर्मा, डॉ. वी.के. वर्मा सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अल्ट्राटेक सीमेंट की ओर से शीराज जैदी (रीजनल हेड, टेक्निकल कस्टमर सोल्यूशन्स) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशकगण, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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